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  • अहमदाबाद विमान हादसे की जांच के लिए केंद्र ने बनाई हाई लेवल कमेटी, 3 महीने में सौंपेगी रिपोर्ट।

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    Air India फ्लाइट AI-171 हादसे की उच्चस्तरीय जांच शुरू, कई एजेंसियां होंगी शामिल।

    नई दिल्ली: अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 विमान हादसे के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए एक हाई लेवल मल्टी-डिसिप्लिनरी कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी हादसे की विस्तृत जांच करेगी और तीन महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी। कमेटी का नेतृत्व केंद्रीय गृह सचिव करेंगे और इसमें कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियों को शामिल किया गया है।

    क्या है हादसे की पृष्ठभूमि?
    एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जिसमें 242 लोग सवार थे, हाल ही में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर क्रैश हो गई। इस भीषण हादसे में अब तक 241 लोगों की मौत हो चुकी है। केवल एक यात्री, विश्वाश कुमार रमेश, चमत्कारी रूप से जीवित बचे हैं। यह देश के सबसे बड़े विमान हादसों में से एक माना जा रहा है।

    कमेटी में कौन-कौन शामिल होगा?
    सिविल एविएशन मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस हाई लेवल कमेटी में निम्नलिखित सदस्य शामिल हैं:
    १. केंद्रीय गृह सचिव (अध्यक्ष)
    २. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव
    ३. गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव
    ४. गुजरात राज्य के गृह विभाग के प्रतिनिधि
    ५. राज्य आपदा प्रतिक्रिया प्राधिकरण के प्रतिनिधि
    ६. पुलिस आयुक्त, अहमदाबाद
    ७. डीजी, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA)
    ८. डीजी, BCAS (ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी)
    ९. भारतीय वायु सेना के निरीक्षण और सुरक्षा महानिदेशक
    १०. विशेष निदेशक, आईबी
    ११. निदेशक, फॉरेंसिक साइंस
    इसके अलावा, आवश्यकतानुसार विमानन विशेषज्ञ, दुर्घटना जांचकर्ता और कानूनी सलाहकार भी जोड़े जा सकते हैं।

    कमेटी क्या-क्या जांचेगी?
    १. उड़ान डेटा और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर
    २. विमान का रखरखाव रिकॉर्ड
    ३. एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) लॉग्स
    ४. गवाहों की गवाही और साइट निरीक्षण
    ५. चालक दल और अन्य कर्मियों से साक्षात्कार
    यदि जरूरत पड़ी तो अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और विमान निर्माता से भी सहयोग लिया जाएगा।

    तीन महीने में देनी होगी रिपोर्ट
    कमेटी को 90 दिनों के भीतर हादसे की पूरी रिपोर्ट सौंपनी होगी। यह रिपोर्ट यह तय करेगी कि हादसा मानव त्रुटि, तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण से हुआ। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए सुझाव और दिशा-निर्देश भी दिए जाएंगे।

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