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  • “भारत के साथ रिश्ते हुए और भी मजबूत, UAE का ऐलान – अब भारतीयों को वीजा ऑन अराइवल!”

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    UAE के राजदूत ने भारत को बताया ‘स्थायी रणनीतिक साझेदार’, 13 फरवरी से लागू हुई नई वीजा नीति से रिश्तों को मिलेगा और बल।

    नई दिल्ली: भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक और नई ऊंचाई मिली है। UAE ने भारतीय नागरिकों के लिए वीजा ऑन अराइवल (Visa on Arrival) सुविधा का विस्तार कर दिया है। यह सुविधा अब उन भारतीयों को भी मिलेगी, जिनके पास ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान, सिंगापुर, न्यूजीलैंड या दक्षिण कोरिया का वैध रेसिडेंस परमिट है।

    यूएई के राजदूत की बड़ी बात
    नई दिल्ली में UAE के राजदूत अब्दुलनासिर अलशाली ने कहा, “भारतीय नागरिकों के लिए यूएई में आगमन पर वीजा सुविधा का विस्तार हमारी भारत के साथ स्थायी और रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है। यह न केवल यात्रियों, बल्कि व्यापारियों, छात्रों और पेशेवरों के लिए भी बेहद फायदेमंद कदम है।”

    उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह पहल दोनों देशों की “गहरी मित्रता और आपसी विश्वास का प्रतीक” है।

    13 फरवरी से लागू नई नीति: क्या बदला है?
    13 फरवरी 2025 से लागू इस नई वीजा पॉलिसी के तहत भारतीय नागरिक अब UAE के सभी एंट्री पॉइंट्स पर वीजा ऑन अराइवल के पात्र होंगे यदि उनके पास उपरोक्त देशों में से किसी एक का रेसिडेंस परमिट है। यह नीति भारत और UAE के बीच यात्रा को आसान, सुलभ और अधिक व्यापारिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

    भारत-यूएई रिश्तों में नई मजबूती
    १. वर्ष 2023 में 45 लाख भारतीयों ने UAE की यात्रा की, जो दोनों देशों के मजबूत पर्यटन संबंधों को दर्शाता है
    २. साल 2022 में दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसने व्यापार और निवेश को नई दिशा दी
    ३. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2015 की ऐतिहासिक UAE यात्रा के बाद से रिश्तों में लगातार गहराई आई है

    वीजा सुविधा से किन्हें होगा लाभ?
    १. छात्र और पेशेवर जिन्हें यूएई में प्रोजेक्ट्स, पढ़ाई या कॉन्फ्रेंस के लिए आना होता है
    २. परिवार जो UAE में रहते हैं और भारत से बार-बार आना-जाना होता है
    ३. निवेशक और कारोबारी जिन्हें फ्री मूवमेंट की जरूरत होती है

    राजनयिक संकेत: पाकिस्तान को लगेगी मिर्ची?
    जब एक मुस्लिम देश, खासकर ऐसा देश जो पाकिस्तान का पारंपरिक मित्र रहा है, भारत की इस तरह की प्रशंसा करता है और वीजा में इतनी बड़ी सुविधा देता है, तो इससे पाकिस्तान की कूटनीतिक स्थिति पर सवाल खड़े होते हैं। भारत की सॉफ्ट पावर और राजनयिक रणनीति का यह ताजा उदाहरण है।

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