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  • साझा मंच छत्तीसगढ़ ने चार सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन, चेताया आंदोलन तेज करने का संकेत।

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    शिक्षक संगठनों का बढ़ा दबाव, न्यायालय आदेश की मांगों के साथ प्रांतीय नेतृत्व ने सौंपा ज्ञापन।

    सवांदाता,गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (जीपीएम), छत्तीसगढ़

    गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (जीपीएम), छत्तीसगढ़: सर्व शैक्षणिक शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ ने अपने प्रांतीय संचालक प्रीतम कोशले के नेतृत्व में 1 जुलाई को जीपीएम जिला मुख्यालय में चार सूत्रीय मांगों को लेकर ज़ोरदार धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री, शिक्षा सचिव और लोक शिक्षण संचालनालय के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसे तहसीलदार श्री शेषनारायण जायसवाल ने प्राप्त किया।

    ज्ञापन में उठाई गईं ये चार अहम मांगें:
    1.माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय का क्रियान्वयन:
    बिलासपुर हाईकोर्ट के WA 261/2023 निर्णय (दिनांक 28/02/2024) के अनुसार, श्रीमती सोना साहू के प्रकरण में एल.बी. शिक्षकों की पूर्व सेवा को गणना में लिया जाए और एरियर्स सहित क्रमोन्नत वेतनमान दिया जाए।

    सेवा गणना व पेंशन लाभ:
    पंचायत/एल.बी. संवर्ग के शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर पूर्ण पेंशन एवं अन्य शासकीय लाभ दिए जाएं।

    बीएड की अनिवार्यता खत्म हो:
    पूर्व की भांति डीएड प्रशिक्षित शिक्षकों को व्याख्याता और प्राचार्य जैसे पदों पर पदोन्नति का अवसर दिया जाए। साथ ही प्राचार्य पद की सीधी भर्ती के 10% पद विभागीय परीक्षा से भरे जाएं।

    युक्तियुक्तकरण विसंगतियों का समाधान:
    2 अगस्त 2024 को जारी युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को रद्द किया जाए क्योंकि यह 31 मार्च 2008 तक स्वीकृत पदों के सेटअप के विरुद्ध है। दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई।

    प्रदर्शन में ये पदाधिकारी रहे मौजूद:
    संचालक प्रीतम कोशले, जिला संचालक मुकेश कोरी, तथा अन्य प्रमुख सदस्यों जैसे दिनेश राठौर, तवरेज खान, अभिषेक शर्मा, नूतन विश्वकर्मा, जय कुमार त्रिपाठी,सत्यनारायण जायसवाल,मो.जहीर अब्बास,अजय चौधरी,ओम प्रकाश सोनवानी,राजेश चौधरी,मोहन मिश्रा,प्रदेश उपसंचालक रेवाराम घृतेश,रीना सिन्हा,रेणुका केशरवानी,धर्मेन्द्र कैवर्त,भागीरथी कैवर्त,कैलाश लदेर,रामचंद राठौर,पीयूष विश्वकर्मा,सुपेत मरावी,राजकुमार पटेल,ओम प्रकाश तेन्डुलकर,रमेश श्याम,अनुपमा गुप्ता,दिनेश पैकरा,महिपत पैकरा, और अन्य जिला स्तरीय सक्रिय सदस्य बड़ी संख्या में धरने में शामिल हुए।

    चेतावनी: मांगें नहीं मानी गईं तो बढ़ेगा आंदोलन
    साझा मंच छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि शीघ्र ही उचित निर्णय नहीं लिए गए, तो यह आंदोलन राज्य स्तर पर और अधिक विस्तृत और उग्र रूप ले सकता है।

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