कनाडा में अमेरिका स्थित खालिस्तानी चरमपंथी समूह सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने वैंकूवर स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास पर घेराबंदी और कब्जे की धमकी दी है। इस धमकी में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक की तस्वीर वाले पोस्टर भी सोशल मीडिया पर साझा किए गए हैं, जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक मसलों के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
SFJ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया चैनलों और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर पोस्ट जारी करते हुए कहा कि वे भारतीय कांसुलेट पर “कब्जा करने” के लिए कदम उठा सकते हैं। संगठन का यह कदम भारतीय सरकार और दूतावास कर्मचारियों के लिए सुरक्षा खतरे को बढ़ा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे चरमपंथी समूह अक्सर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धमकियों और साजिशों के जरिए राजनीतिक और कूटनीतिक दबाव बनाने का प्रयास करते हैं।
इस धमकी में विशेष रूप से भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक को लक्षित किया गया है। पोस्टर में उनका चेहरा प्रमुख रूप से दिखाया गया है, जो स्पष्ट रूप से धमकी की गंभीरता को दर्शाता है। अधिकारियों ने कहा कि उच्चायुक्त और वाणिज्य दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
कनाडा में भारतीय मिशन और सुरक्षा एजेंसियों ने इस खतरे को गंभीरता से लिया है। वैंकूवर पुलिस और स्थानीय सुरक्षा बल दूतावास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर रहे हैं। साथ ही, भारत सरकार ने भी विदेश मंत्रालय के माध्यम से सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
कनाडा की सरकार ने भी सार्वजनिक रूप से कहा है कि वह किसी भी तरह की हिंसा या दूतावास पर हमले को बर्दाश्त नहीं करेगी और SFJ जैसे चरमपंथी समूहों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखेगी।
SFJ अमेरिका स्थित समूह है, लेकिन इसका असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखा जा रहा है। ऐसे समूह विदेशों में भारतीय मिशनों और उच्चायुक्तों के लिए सुरक्षा चुनौती पैदा करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किसी भी देश के दूतावास पर हमले की धमकी गंभीर अपराध माना जाता है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
इस घटना का सामाजिक और कूटनीतिक प्रभाव भी महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो और पोस्टर की वजह से भारतीय समुदाय और वहां रहने वाले नागरिकों में चिंता बढ़ रही है। साथ ही, यह घटना कनाडा-भारत के कूटनीतिक संबंधों पर भी ध्यान आकर्षित करती है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि SFJ जैसे समूह अक्सर धमकियों के जरिए मीडिया और अंतरराष्ट्रीय ध्यान खींचने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की धमकियों को गंभीरता से लेना और समय रहते कूटनीतिक और सुरक्षा उपाय करना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, वैंकूवर में दूतावास के आसपास सुरक्षा बढ़ाने, कड़ी निगरानी और साइबर सुरक्षा पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।
SFJ द्वारा दी गई धमकी ने कनाडा में भारतीय दूतावास और उच्चायुक्त की सुरक्षा को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। भारतीय और कनाडा सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर कदम उठाए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
यह घटना यह स्पष्ट करती है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खालिस्तानी चरमपंथ और दूतावासों के खिलाफ धमकियाँ अभी भी मौजूद हैं और इनके प्रति सतर्क रहना आवश्यक है।







