उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और उनके विकास मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि “मोदी मॉडल” अब केवल भारत ही नहीं, बल्कि विश्व के लिए प्रेरणा बन चुका है। उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि 2014 के बाद से भारत ने आर्थिक, अवसंरचना, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
योगी आदित्यनाथ का बयान
योगी आदित्यनाथ ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी साख मजबूत की है। उन्होंने कहा:
“2014 से पहले भारत अनेक चुनौतियों में उलझा था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने देश को नई दिशा दी है। आज मोदी मॉडल विश्व के देशों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।”
मोदी मॉडल की विशेषताएँ
मुख्यमंत्री योगी ने जिन पहलुओं को “मोदी मॉडल” की सफलता बताया, उनमें शामिल हैं:
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आर्थिक सुधार — मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलें।
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अवसंरचना विकास — हाईवे, एयरपोर्ट, मेट्रो प्रोजेक्ट और डिजिटल इंडिया का विस्तार।
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शिक्षा सुधार — नई शिक्षा नीति (NEP) का क्रियान्वयन।
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स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव — आयुष्मान भारत योजना, कोविड प्रबंधन और नई स्वास्थ्य नीतियाँ।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति — G20 शिखर सम्मेलन में भारत की अगुवाई और वैश्विक मंचों पर बढ़ती भागीदारी।
2014 से पहले और बाद का भारत
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2014 से पहले भारत की पहचान एक “कमज़ोर और भ्रष्टाचारग्रस्त अर्थव्यवस्था” के रूप में होती थी।
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तब विकास योजनाएँ केवल कागज़ों तक सीमित रहती थीं।
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वैश्विक मंच पर भारत की आवाज़ को गंभीरता से नहीं लिया जाता था।
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गरीबों के लिए योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक नहीं पहुँचता था।
2014 के बाद, मोदी सरकार ने पारदर्शिता, सुशासन और जनकल्याण पर ज़ोर दिया। इससे भारत की छवि एक उभरते हुए वैश्विक नेता के रूप में बनी।
आर्थिक क्षेत्र की उपलब्धियाँ
भारत आज दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
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प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई।
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डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने विश्व को प्रभावित किया।
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“मेक इन इंडिया” के तहत उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा मिला।
अवसंरचना और कनेक्टिविटी
मोदी सरकार ने अवसंरचना विकास को प्राथमिकता दी।
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भारतमाला परियोजना के तहत हज़ारों किलोमीटर हाईवे का निर्माण हुआ।
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उड़ान योजना ने छोटे शहरों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ा।
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मेट्रो नेटवर्क का विस्तार दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, वाराणसी और अन्य शहरों में हुआ।
स्वास्थ्य और शिक्षा सुधार
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आयुष्मान भारत योजना से करोड़ों गरीब परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिली।
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कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने रिकॉर्ड समय में टीकाकरण अभियान पूरा किया।
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नई शिक्षा नीति ने शिक्षा को कौशल और रोजगार से जोड़ने की दिशा में नया दृष्टिकोण दिया।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत
मुख्यमंत्री योगी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति और वैश्विक छवि में बड़ा बदलाव आया है।
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G20 अध्यक्षता ने भारत को वैश्विक नेतृत्व के केंद्र में ला खड़ा किया।
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“वसुधैव कुटुम्बकम” का संदेश पूरी दुनिया में गूँजा।
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आतंकवाद और वैश्विक चुनौतियों पर भारत की भूमिका निर्णायक रही।
विपक्ष की आलोचना
हालांकि विपक्ष ने मोदी मॉडल की आलोचना करते हुए कहा है कि ज़मीनी स्तर पर बेरोज़गारी और महँगाई की समस्या अभी भी बनी हुई है। उनका मानना है कि सरकार को केवल प्रचार से आगे बढ़कर वास्तविक मुद्दों पर ठोस समाधान निकालना होगा।
जनता की प्रतिक्रिया
जनता के बीच मोदी मॉडल को लेकर सकारात्मक सोच दिखाई देती है। कई लोग मानते हैं कि देश की छवि वैश्विक स्तर पर बेहतर हुई है और आधारभूत ढाँचे में वास्तविक सुधार हुए हैं। हालांकि, रोजगार और कृषि सुधार जैसी चुनौतियाँ भी सामने हैं।
योगी आदित्यनाथ का यह बयान स्पष्ट करता है कि भारतीय राजनीति में “मोदी मॉडल” को अब एक ब्रांड के रूप में स्थापित किया जा चुका है। चाहे वह आर्थिक सुधार हों, अवसंरचना विकास हो या अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की भूमिका — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व न केवल भारत के लिए बल्कि विश्व के लिए भी एक प्रेरणा बन गया है।








