भारत और कनाडा के बीच सुरक्षा एवं खुफिया सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं खुफिया सलाहकार (National Security and Intelligence Advisor) नथाली जी. ड्रोइन ने गुरुवार को नई दिल्ली में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल से मुलाकात की।
यह बैठक दोनों देशों के बीच चल रही नियमित द्विपक्षीय सुरक्षा वार्ता का हिस्सा थी। इस दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई और दोनों पक्षों ने सुरक्षा सहयोग को नए मुकाम पर ले जाने के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने पर सहमति जताई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य
बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत और कनाडा के बीच सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना और आपसी सहयोग के नए रास्ते तलाशना था। वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में तेजी से बदलते हालात को देखते हुए दोनों देशों ने साझा चिंताओं पर बातचीत की।
विदेश मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि, “भारत और कनाडा दोनों ही लोकतांत्रिक मूल्य और पारस्परिक सम्मान पर आधारित रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सुरक्षा सहयोग को नए स्तर तक ले जाना इस प्रतिबद्धता का हिस्सा है।”
द्विपक्षीय संबंधों की पृष्ठभूमि
भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से राजनयिक संबंध रहे हैं। शिक्षा, व्यापार, ऊर्जा और आप्रवासन जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच गहरा संबंध है। हालांकि हाल के वर्षों में खालिस्तानी गतिविधियों और कूटनीतिक तनावों के कारण रिश्तों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
इसके बावजूद सुरक्षा और खुफिया सहयोग को बढ़ाने की दिशा में यह बैठक एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली और सहयोग बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।
बैठक में उठे मुद्दे
सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान निम्नलिखित विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई:
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आतंकवाद और चरमपंथ से मुकाबला: दोनों देशों ने आतंकवाद और कट्टरपंथी गतिविधियों के खिलाफ मिलकर काम करने पर जोर दिया।
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साइबर सुरक्षा: डिजिटल युग में साइबर खतरों से निपटने के लिए साझा रणनीति बनाने पर सहमति बनी।
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खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान: संवेदनशील जानकारियों को साझा करने के लिए बेहतर तंत्र विकसित करने की बात कही गई।
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क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियां: एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक शांति बनाए रखने के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण पर चर्चा हुई।
अजित डोभाल की भूमिका
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को देश की रणनीतिक और सुरक्षा नीतियों के आर्किटेक्ट के रूप में जाना जाता है। उनकी सख्त और स्पष्ट सोच ने भारत की सुरक्षा नीतियों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दी है।
कनाडा की सलाहकार नथाली ड्रोइन के साथ उनकी बैठक से यह संकेत मिलता है कि भारत किसी भी देश के साथ सहयोग के अवसरों को न केवल महत्व देता है बल्कि उन्हें गंभीरता से आगे भी बढ़ाता है।
नथाली जी. ड्रोइन की भारत यात्रा
कनाडा की सुरक्षा सलाहकार की यह यात्रा केवल औपचारिकता नहीं थी, बल्कि दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग का प्रतीक भी थी। नथाली ड्रोइन ने कहा कि कनाडा, भारत के साथ सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इस तरह की बातचीत जारी रहेगी।
विदेश मंत्रालय का बयान
भारतीय विदेश मंत्रालय ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “भारत और कनाडा ने साझा हितों और मूल्यों पर आधारित रिश्तों को और गहरा करने का संकल्प दोहराया है। यह बैठक नियमित द्विपक्षीय सुरक्षा संवाद का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देना है।”
भारत-कनाडा संबंधों के लिए सकारात्मक संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में आई खटास के बाद यह बैठक दोनों देशों के रिश्तों में सुधार का संकेत देती है। सुरक्षा और खुफिया सहयोग ऐसा क्षेत्र है जिसमें दोनों देशों की समान रुचि है।
अगर इस सहयोग को मजबूती मिलती है तो न केवल द्विपक्षीय रिश्तों में सुधार होगा बल्कि वैश्विक स्तर पर भी दोनों देशों की साझेदारी मजबूत होगी।
नई दिल्ली में हुई यह बैठक भारत और कनाडा के बीच सुरक्षा एवं खुफिया सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है। एनएसए अजित डोभाल और कनाडा की सलाहकार नथाली जी. ड्रोइन की यह बातचीत दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग को नए मुकाम तक ले जाने का संकेत देती है।
द्विपक्षीय संबंधों में चाहे जितने भी उतार-चढ़ाव क्यों न आए हों, इस बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता के मुद्दों पर भारत और कनाडा एक-दूसरे के साथ खड़े रहने के लिए तैयार हैं।







