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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवरात्र 2025 के अवसर पर महानवमी के दिन गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन कर भक्तों के बीच आशीर्वाद बांटा। यह आयोजन विगत कई वर्षों से परंपरागत रूप से गोरखनाथ मंदिर में आयोजित किया जाता रहा है, जिसमें वर्तमान पीठाधीश्वर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रत्येक वर्ष इस परंपरा का निर्वहन करते हैं।
महानवमी के अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक सजावट और भक्तिमय वातावरण तैयार किया गया था। भक्तों की भीड़ सुबह से ही मंदिर में पहुंचना शुरू हो गई थी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंदिर पहुँचकर सबसे पहले कन्याओं का पांव पखारकर पूजन किया। उन्होंने कन्याओं को अपने हाथों से आशीर्वाद देते हुए प्रसाद भी वितरित किया।
गोरखनाथ मंदिर में यह परंपरा गोरक्षधिश्वर द्वारा वर्षों से निभाई जा रही है। इस वर्ष भी गोरक्षधिश्वर के मार्गदर्शन में पूजा का आयोजन हुआ। इस अवसर पर विशेष मंत्रोच्चारण और भजन-कीर्तन आयोजित किए गए, जिससे पूरे मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का माहौल रहा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कन्याओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि यह परंपरा समाज में सदाचार, नैतिकता और संस्कृति के मूल्य बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि कन्या पूजन का यह आयोजन हमें याद दिलाता है कि नारी शक्ति का सम्मान और सुरक्षा समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में पहुंचे भक्तों ने भी सीएम योगी का अभिनंदन किया और उनका आशीर्वाद लेने के लिए उत्साह दिखाया। इस अवसर पर मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा। भक्तों की सुविधा और मंदिर में आने-जाने की व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए कई प्रयास किए गए।
गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व है। यह परंपरा नारी शक्ति के सम्मान और संरक्षण का संदेश देती है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी अपने संबोधन में इसे सांस्कृतिक और सामाजिक जिम्मेदारी बताया।
पूजन के दौरान मुख्यमंत्री ने कन्याओं को सत्कार और सम्मान देने के साथ-साथ उन्हें शिक्षा और सशक्तिकरण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नवरात्र का यह पर्व हमें याद दिलाता है कि समाज में समानता, सुरक्षा और नैतिकता बनाए रखना आवश्यक है।
गोरखनाथ मंदिर में आयोजित इस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसे देखने के बाद लोगों में उत्साह और आस्था बढ़ गई। भक्तों ने सीएम योगी की इस परंपरा में सक्रिय भागीदारी की सराहना की और इसे उत्तर प्रदेश की संस्कृति और धार्मिक जीवन का प्रतीक बताया।
नवरात्र उत्सव के दौरान मंदिर परिसर में भव्य सजावट, रंग-बिरंगे फूल, दीयों की रोशनी और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। भक्तों ने पूरे दिन मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। इस अवसर पर न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचे।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नवरात्र का यह पर्व केवल धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह समाज में नारी शक्ति के महत्व और सम्मान को उजागर करने वाला पर्व है। उन्होंने कहा कि इस परंपरा को बनाए रखना और इसे युवा पीढ़ी तक पहुँचाना हमारी जिम्मेदारी है।
मंदिर में कन्या पूजन के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूरे आयोजन को सुरक्षित, व्यवस्थित और भक्तिमय बनाने का विशेष ध्यान रखा। उन्होंने स्वयं कन्याओं को आशीर्वाद देते हुए उनका सम्मान किया और उन्हें प्रसाद वितरित किया।
इस प्रकार नवरात्र 2025 के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में आयोजित महानवमी के कार्यक्रम ने न केवल धार्मिक महत्व को दर्शाया, बल्कि समाज में नारी शक्ति और संस्कृति के प्रति सम्मान का संदेश भी दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भागीदारी ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया।
इस आयोजन ने यह भी दिखाया कि उत्तर प्रदेश में धार्मिक परंपराओं को न केवल बनाए रखा जा रहा है, बल्कि उन्हें समाज में सकारात्मक संदेश और सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में भी प्रस्तुत किया जा रहा है।
अंततः कहा जा सकता है कि गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी का कन्या पूजन नवरात्र 2025 की महानवमी पर समाज में श्रद्धा, आस्था और नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक बनकर उभरा। इस परंपरा के माध्यम से लोगों ने अपने विश्वास, संस्कृति और धार्मिक चेतना को मजबूत किया।







