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भारतीय क्रिकेट टीम में हाल ही में हुए बड़े बदलाव ने सभी को चौंका दिया है। रोहित शर्मा को वनडे टीम की कप्तानी से हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट गलियारों तक हलचल मच गई। अब इस पूरे मुद्दे पर पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष और टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने चुप्पी तोड़ी है। गांगुली ने कहा कि “यह सबके साथ होता है। कप्तानी किसी का स्थायी पद नहीं होता, यह एक जिम्मेदारी है जो समय के साथ बदलती रहती है।”
गांगुली ने कहा कि रोहित शर्मा ने बतौर कप्तान भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। उनके नेतृत्व में टीम इंडिया ने कई ऐतिहासिक जीत दर्ज की हैं, खासकर टेस्ट और टी20 प्रारूप में। उन्होंने कहा कि रोहित के अनुभव और योगदान को कोई भुला नहीं सकता। परंतु, अब समय है नई सोच और नई रणनीति के साथ आगे बढ़ने का।
सौरव गांगुली ने इस फैसले को “बर्खास्तगी” नहीं बल्कि “आपसी सहमति” से लिया गया निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई, टीम मैनेजमेंट और रोहित शर्मा के बीच इस विषय पर पूरी तरह से संवाद हुआ था। गांगुली ने कहा कि “यह क्रिकेट का स्वभाव है — हर महान खिलाड़ी का एक दौर आता है और फिर एक नई शुरुआत होती है। यह किसी की हार नहीं बल्कि खेल के विकास का संकेत है।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय क्रिकेट में बदलाव हमेशा से होते आए हैं। जैसा कि उन्होंने खुद अपने समय में देखा था, जब एक कप्तान के बाद दूसरा आता है और टीम की दिशा बदल जाती है। गांगुली ने कहा, “मैंने खुद इस दौर को झेला है। एक समय मैं कप्तान था, फिर राहुल द्रविड़ आए, फिर धोनी और अब रोहित के बाद नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को मौका मिल रहा है। यह चक्र चलता रहता है और यही खेल की खूबसूरती है।”
गांगुली ने हार्दिक पंड्या की नई भूमिका की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि हार्दिक युवा हैं, ऊर्जावान हैं और उनके पास नेतृत्व क्षमता है। “मैंने हार्दिक को करीब से देखा है, वह आत्मविश्वासी खिलाड़ी हैं और उनके अंदर टीम को आगे ले जाने का जुनून है। रोहित और विराट जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ उनका तालमेल भारतीय क्रिकेट को और मजबूत करेगा।”
पूर्व कप्तान ने मीडिया से अपील की कि इस मुद्दे को विवाद का रूप न दिया जाए। उन्होंने कहा, “कप्तानी का बदलाव कोई झटका नहीं बल्कि एक स्वाभाविक संक्रमण है। हर कप्तान अपनी भूमिका निभाकर एक नई राह खोलता है। रोहित शर्मा ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे हमेशा याद रखी जाएंगी। अब जरूरत है कि हम नए कप्तान को समर्थन दें और टीम के साथ खड़े रहें।”
गांगुली ने यह भी बताया कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई निरंतर युवा खिलाड़ियों को मौका दे रही है, जिससे टीम का बेंच स्ट्रेंथ मजबूत हो रहा है। “आज हमारे पास कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो किसी भी स्थिति में मैच पलट सकते हैं। यही हमारी असली ताकत है,” उन्होंने जोड़ा।
उन्होंने अंत में कहा, “क्रिकेट में बदलाव डरने की चीज नहीं होती। यह खेल के प्रति सम्मान और सुधार का प्रतीक है। रोहित शर्मा हमेशा भारतीय क्रिकेट के महान कप्तानों में गिने जाएंगे। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।”
इस बयान के बाद क्रिकेट जगत में एक नई स्पष्टता आई है। सौरव गांगुली के शब्दों ने यह जता दिया कि भारतीय क्रिकेट में परिवर्तन योजनाबद्ध और सहमति से होता है, न कि किसी विवाद या राजनीति के तहत। अब देखना यह होगा कि नया नेतृत्व भारतीय टीम को आने वाले विश्व कप और भविष्य की चुनौतियों में कहां तक ले जाता है।








