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  • बेंगलुरु में डोर टू डोर कचरा उठाने की बजाय फेंकने का नया अभियान, जानकर रह जाएंगे हैरान

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    बेंगलुरु में सफाई और कचरा प्रबंधन को लेकर एक नया और अनोखा अभियान शुरू किया गया है। ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के तहत काम कर रही बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड (BSWML) ने पांच नगर निगमों के 190 वार्डों में कासा सुरिवुआ हब्बा नामक मुहिम की शुरुआत की है। इस अभियान का मकसद शहर में डोर टू डोर कचरा उठाने की परंपरा को बदलकर लोगों को कचरा सही तरीके से फेंकने के लिए प्रेरित करना है।

    शहर में पिछले कई सालों से डोर टू डोर कचरा उठाने की सुविधा मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद अवैध कचरा निपटान और गली-नुक्कड़ में कचरा फेंकने की घटनाएं कम नहीं हुई हैं। इस चुनौती का सामना करने के लिए BSWML ने ‘कासा सुरिवुआ हब्बा’ को शुरू किया है। मुहिम का उद्देश्य है कि लोग कचरा उठाने के बजाय उसे सही डंपिंग पॉइंट्स पर फेंकें, ताकि कचरा सीधे कलेक्शन हब्स तक पहुंचे और शहर को साफ-सुथरा बनाया जा सके।

    इस अभियान में नगर निगमों के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े-बड़े कचरा डंपिंग हब बनाए गए हैं। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे अपने घरों और व्यवसायिक स्थानों से कचरा निर्धारित हब्स पर फेंकें। यह कदम न केवल अवैध कचरा निपटान को रोकने के लिए उठाया गया है बल्कि इसके माध्यम से कचरे का रीसाइक्लिंग और प्रोसेसिंग भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।

    BSWML के अधिकारियों का कहना है कि इस नए मॉडल के तहत कचरे को वर्गीकृत करके हब्स पर लाया जाएगा। इससे कचरे का सही निपटान होगा और शहर में कचरा फैलने की समस्या कम होगी। इस पहल से गंदगी, बदबू और मच्छरों से होने वाली बीमारियों को भी नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बेंगलुरु जैसे बड़े शहर के लिए महत्वपूर्ण है, जहां हर दिन लाखों कचरे का उत्पादन होता है। पुराने तरीकों में कई बार कचरा सही तरीके से उठाया नहीं जाता, जिससे नालियों और सड़क किनारों में जमा हो जाता है। इस नए अभियान के तहत कचरे के प्रवाह को नियंत्रित करने और समय पर कचरा हटाने का प्रबंधन किया जाएगा।

    नगर निगमों ने इस मुहिम के तहत नागरिकों को जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं। स्कूलों, कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थानों पर स्लोगन्स और पोस्टर्स के माध्यम से लोगों को कचरा सही जगह फेंकने के महत्व के बारे में बताया जा रहा है। इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लोगों को इस अभियान के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

    BSWML ने बताया कि पहले चरण में 190 वार्डों को कवर किया गया है, और भविष्य में इसे पूरे बेंगलुरु शहर में विस्तारित किया जाएगा। इस अभियान से शहर के नागरिकों को एक नई आदत डालने में मदद मिलेगी — यानी कचरा घर से बाहर फेंकने की बजाय उसे हब्स तक पहुंचाना।

    शहरवासियों के लिए यह कदम शुरुआती तौर पर अलग और चुनौतीपूर्ण लग सकता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि समय के साथ यह नई आदत बन जाएगी और बेंगलुरु को साफ और स्वच्छ बनाने में मदद करेगी। यह मुहिम पर्यावरण के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारी और समुदाय आधारित समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

    कुल मिलाकर, बेंगलुरु का कासा सुरिवुआ हब्बा अभियान शहर में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के नए मानक स्थापित करने जा रहा है। डोर टू डोर कचरा उठाने की परंपरा को बदलकर शहरवासियों को सक्रिय रूप से कचरा सही जगह फेंकने के लिए प्रेरित करना, इस पहल की सबसे बड़ी खासियत है। यह कदम न केवल बेंगलुरु को स्वच्छ बनाएगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सुधार में भी अहम भूमिका निभाएगा।

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