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हनुमानगढ़ जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोकने के लिए 15 दिवसीय विशेष सड़क सुरक्षा अभियान शुरू किया गया है, जो 18 नवंबर तक चलेगा। इस अभियान के दौरान यातायात नियमों की कड़ाई से पालना कराई जाएगी, अतिक्रमण हटाने, अवैध कट बंद करने, ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और नशे में वाहन चलाने वालों के लाइसेंस रद्द करने जैसे कठोर कदम उठाए जाएंगे।
यह निर्णय सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने की। उन्होंने अधिकारियों को सड़क सुरक्षा को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए और कहा कि जिले में यातायात अनुशासन बनाए रखना प्राथमिक जिम्मेदारी है।
डॉ. यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शराब पीकर वाहन चलाने, तेज गति से वाहन चलाने या बार-बार चालान होने की स्थिति में संबंधित चालक का ड्राइविंग लाइसेंस तुरंत निरस्त किया जाए। साथ ही भारी वाहनों के लाइसेंस नवीनीकरण के समय यदि नेत्र परीक्षण रिपोर्ट में गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित चिकित्सक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने परिवहन विभाग और पुलिस को आपसी समन्वय के साथ सख्त प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने एनएचएआई अधिकारियों को निर्देशित किया कि भारतमाला परियोजना मार्ग पर सभी अवैध ढाबे, अनधिकृत पार्किंग और निर्माण को तुरंत हटाया जाए। उन्होंने कहा कि हाईवे पर निर्धारित स्थानों के अलावा वाहन रोकने पर चालान की कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, सभी संकेतक बोर्ड, स्लिप लाइन और ट्रक ले-बाई के बोर्ड सही स्थिति में बने रहें। कोहरे के मौसम में दृश्यता बनाए रखने के लिए रिफ्लेक्टर और सड़क किनारे पेड़ों की छंटाई कराने पर भी जोर दिया गया।
डॉ. यादव ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तुरंत एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया जाए। 45 वर्ष से अधिक आयु वाले सभी चालकों की नेत्र जांच अभियान के तहत कराई जाएगी। एम्बुलेंस स्टाफ को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा और उनके उपकरणों की उपलब्धता का सत्यापन डिप्टी एसपी स्तर पर कराया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर आमजन के साथ साझा किया जाए, ताकि कोई भी नागरिक फोटो, वीडियो और लोकेशन के साथ यातायात नियमों के उल्लंघन की सूचना दे सके। सभी टोल नाकों पर हेल्पलाइन नंबर और क्यूआर कोड सहित फ्लेक्स लगाए जाएंगे, जिससे सड़क संधारण एजेंसी और नागरिकों के बीच त्वरित सूचना आदान-प्रदान संभव हो। साथ ही, हाईवे पेट्रोलिंग यूनिट में पुलिस कर्मियों की तैनाती और टोल स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन सुनिश्चित किया जाएगा।
वन विभाग को निर्देश दिए गए कि सड़क किनारे अवैध ढाबों, अतिक्रमण और कोहला क्षेत्र में निराश्रित पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए फेंसिंग की मरम्मत और 24 घंटे निगरानी रखी जाए। नगर निकायों को निर्देशित किया गया कि सड़क पर निराश्रित या पालतू पशु छोड़ने वालों पर जुर्माना लगाया जाए और ऐसे पशुओं को गौशालाओं में भेजा जाए।
साथ ही, स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए। सीडीईओ, पुलिस और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से 15 दिवसीय रोड सेफ्टी कोर्स चलाएंगे, जिसमें बुकलेट, डिजिटल प्लेटफॉर्म और वीडियो के माध्यम से ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी जाएगी। अवैध ऑटो और असुरक्षित बाल वाहिनी के खिलाफ कार्रवाई करने तथा विद्यालयों को सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि सड़कें गड्ढामुक्त रखी जाएं, बर्म साफ किए जाएं, सभी अवैध कट बंद हों और निर्माण कार्यों के दौरान उचित डाइवर्जन व सुरक्षा उपाय किए जाएं। सात दिनों के भीतर नो पार्किंग क्षेत्रों और फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिले में मौजूद 600 बाल वाहिनियों में से 170 वाहनों सहित सभी फिटनेस एक्सपायर वाहनों को नोटिस जारी कर सीज किया जाए। अवैध ऑटो जो बाल वाहिनियों की तरह उपयोग हो रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। शहरी क्षेत्र में नो एंट्री की समय सीमा बढ़ाकर रात 9 बजे तक करने का निर्णय भी लिया गया।
बैठक में एसपी श्री हरि शंकर, एडीएम श्री उम्मेदी लाल मीना, एएसपी श्री जनेश तंवर, एएसपी श्रीमती राजकंवर, डीटीओ श्री नरेश पुनिया, सीओ श्रीमती मीनाक्षी, पीडब्ल्यूडी के श्री अनिल अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
यह 15 दिवसीय अभियान हनुमानगढ़ जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर एक सख्त और ठोस कदम साबित होगा, जिससे आमजन में जागरूकता और सड़क पर अनुशासन दोनों का समावेश सुनिश्चित होगा।








