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बिहार के बेतिया में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री और LJP (R) अध्यक्ष चिराग पासवान का हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी के कारण करीब 45 मिनट तक उड़ान नहीं भर सका। इस अप्रत्याशित देरी ने केंद्रीय मंत्री को काफी परेशान कर दिया और उन्होंने इस दौरान सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन करके जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार, बेतिया के ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण हेलीकॉप्टर का संचालन प्रभावित हुआ। चिराग पासवान जैसे वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री के लिए यह स्थिति असामान्य थी। उन्होंने हेलीकॉप्टर की लंबी देरी के बीच अधिकारियों और पायलटों से लगातार संपर्क बनाए रखा।
इस दौरान चिराग पासवान ने अपने हंसमुख अंदाज में इसे हल्का फुल्का बनाने की कोशिश की, लेकिन असल में यह लंबी देरी उनके कार्यक्रम को प्रभावित कर रही थी। परेशान होने के बाद उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया और स्थिति की जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार, चिराग पासवान ने फोन पर पीएम मोदी से कहा, “हैलो प्रधानमंत्री जी! हम ‘हनुमान’ बोल रहे हैं। उड़न खटोला अभी नहीं उड़ा।” इस मजाकिया अंदाज के बावजूद केंद्रीय मंत्री ने गंभीरता से समस्या को समझाने की कोशिश की।
पीएम मोदी ने इस फोन कॉल को सकारात्मक रूप में लिया और अधिकारियों को स्थिति ठीक करने के लिए निर्देशित किया। चिराग पासवान के सीधे पीएम को फोन करने का यह मामला राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।
हेलीकॉप्टर की उड़ान शुरू होने में देरी होने के कारण चिराग पासवान को अपने कार्यक्रम में परिवर्तन करना पड़ा। बाद में उन्होंने हेलीकॉप्टर से उतरकर अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उन्होंने इस समय का उपयोग स्थानीय मुद्दों पर चर्चा और समर्थकों से संवाद करने में किया।
समर्थकों के बीच चिराग पासवान का यह सहज और मिलनसार व्यवहार उन्हें और लोकप्रिय बना गया। उन्होंने समर्थकों से बातचीत करते हुए कहा कि तकनीकी समस्याएँ हो सकती हैं, लेकिन इसका सामना धैर्य और हास्यबोध के साथ करना चाहिए।
चिराग पासवान का पीएम को सीधे फोन करना और हेलीकॉप्टर की तकनीकी खराबी मीडिया में तेजी से वायरल हो गई। राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा कि यह घटना दिखाती है कि युवा नेता अपने वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में रहते हुए भी अपने क्षेत्र और समर्थकों के प्रति जिम्मेदार हैं।
सोशल मीडिया पर भी चिराग पासवान की इस प्रतिक्रिया को जमकर सराहा गया। ट्विटर और फेसबुक पर लोग लिख रहे हैं कि “चिराग पासवान ने तकनीकी समस्या में भी धैर्य और नेतृत्व दिखाया।”
बेतिया में चिराग पासवान का यह दौरा स्थानीय मुद्दों और पार्टी विस्तार कार्यक्रम के लिए था। वह ग्रामीण इलाकों में लोगों से मुलाकात कर उनके सुझाव और समस्याएँ सुन रहे थे। हेलीकॉप्टर की देरी के बावजूद उन्होंने समर्थकों से बातचीत करके अपना समय सार्थक बनाया।
विशेषज्ञों का कहना है कि राजनीतिक नेताओं के लिए ऐसी अप्रत्याशित घटनाएँ सामान्य हैं, लेकिन उन्हें सही ढंग से संभालना ही नेतृत्व की पहचान है। चिराग पासवान ने इस मामले में स्पष्ट रूप से यह दिखा दिया कि वे अपने समर्थकों और पार्टी की जिम्मेदारी के प्रति सजग हैं।
बेतिया में हेलीकॉप्टर की तकनीकी खराबी के कारण 45 मिनट की देरी और सीधे पीएम मोदी को फोन करना चिराग पासवान के राजनीतिक जीवन में एक अनोखा अनुभव रहा। इस दौरान उनका धैर्य, सहजता और समर्थकों से जुड़ाव उन्हें और अधिक लोकप्रिय बना गया।
यह घटना न केवल राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी, बल्कि सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्टिंग में भी इसे खासा जगह मिली। युवा नेता के इस कदम ने दिखा दिया कि तकनीकी और अप्रत्याशित समस्याओं के बीच भी सही संवाद और नेतृत्व का महत्व हमेशा बना रहता है।







