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हॉन्ग कॉन्ग सिक्सेस 2025 के रोमांचक मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 2 रनों से हराकर शानदार जीत दर्ज की, लेकिन मैच के बाद जो दृश्य देखने को मिला, उसने खेल भावना को लेकर फिर एक नई बहस छेड़ दी। भारतीय टीम के खिलाड़ियों ने जीत के बाद पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया।
यह घटना शनिवार को हुए मुकाबले के बाद सामने आई। बारिश से प्रभावित यह मैच डकवर्थ-लुईस नियम (DLS) के तहत तय हुआ, जिसमें भारतीय टीम ने मुश्किल परिस्थितियों में जीत हासिल की। दिनेश कार्तिक की कप्तानी में उतरी भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को आखिरी ओवरों में रोक दिया और मैच अपने नाम कर लिया।
लेकिन जब मुकाबला खत्म हुआ, तो दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच सामान्य रूप से हाथ मिलाने का दृश्य नहीं दिखा। भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान से सीधे पवेलियन की ओर रुख किया, जबकि पाकिस्तान के खिलाड़ी हाथ बढ़ाए खड़े रह गए। दर्शकों ने इस पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी — कुछ ने भारतीय खिलाड़ियों के रवैये को “राष्ट्रीय गर्व” बताया, तो कुछ ने इसे “खेल भावना के खिलाफ” करार दिया।
मुकाबले की शुरुआत में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 ओवर में तेज़ 85 रन बनाए। कप्तान दिनेश कार्तिक ने 18 गेंदों में 42 रन की तेज़ पारी खेली, जबकि युवा बल्लेबाजों ने ताबड़तोड़ हिटिंग से दर्शकों का मनोरंजन किया। पाकिस्तान की ओर से अब्बास अफरीदी ने दो विकेट हासिल किए।
जवाब में पाकिस्तान की टीम ने आक्रामक शुरुआत की, लेकिन भारत के गेंदबाजों ने आखिरी दो ओवरों में जबर्दस्त वापसी की। बारिश के कारण लक्ष्य समायोजित किया गया और पाकिस्तान को जीत के लिए आखिरी ओवर में 15 रन चाहिए थे। भारतीय गेंदबाजों ने सटीक यॉर्कर डालकर पाकिस्तान को 13 रन पर रोक दिया और मुकाबला 2 रन से जीत लिया।
मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा रही उस दृश्य की, जब भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। मैदान पर खड़े कई पाकिस्तानी खिलाड़ी हैरान रह गए। यह घटना तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
ट्विटर (अब X) पर #NoHandshake ट्रेंड करने लगा। भारतीय फैंस ने कहा कि “यह सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि जवाब है।” वहीं कुछ क्रिकेट विशेषज्ञों ने कहा कि “खेल भावना हर हाल में बनी रहनी चाहिए, चाहे प्रतिद्वंद्वी कोई भी हो।”
यह पहली बार नहीं है जब भारत-पाकिस्तान मुकाबले में ऐसा हुआ हो। एशिया कप 2024 के दौरान सूर्यकुमार यादव ने टॉस के समय पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाया था। इसके बाद महिला विश्व कप 2025 में हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय महिला टीम ने भी पाकिस्तान के खिलाफ जीत के बाद खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था।
अब हॉन्ग कॉन्ग सिक्सेस में भी वही सिलसिला जारी रहा।
भारत-पाकिस्तान के बीच खेल हमेशा सिर्फ खेल नहीं होता। यह राजनीतिक और भावनात्मक दृष्टि से भी अत्यधिक संवेदनशील माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में दोनों देशों के खिलाड़ियों के बीच रिश्ते भी काफी तनावपूर्ण हैं।
पूर्व क्रिकेटर और विश्लेषक आकाश चोपड़ा ने इस घटना पर कहा, “हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि खिलाड़ी भी इंसान हैं। जब सीमाओं पर तनाव रहता है, तो मैदान पर भावनाएं उमड़ना स्वाभाविक है। लेकिन क्रिकेट हमेशा जोड़ने का काम करे, तो बेहतर होगा।”
वहीं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के एक अधिकारी ने कहा कि यह व्यवहार “अप्रोफेशनल” है और क्रिकेट की भावना के खिलाफ है। उन्होंने आईसीसी से इस घटना पर “नोट” लेने की मांग की है।
भारतीय कप्तान दिनेश कार्तिक ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि टीम ने किसी खिलाड़ी के प्रति व्यक्तिगत द्वेष के कारण ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा, “हम मैदान पर अपनी भावनाओं को काबू में रखते हैं, लेकिन हर खिलाड़ी का अपना तरीका होता है जश्न मनाने का। हमने बस अपनी जीत का आनंद अपने तरीके से मनाया।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारतीय टीम हमेशा सम्मानजनक व्यवहार करती है, लेकिन इस बार परिस्थितियां कुछ अलग थीं।
भारतीय फैंस ने इस घटना पर सोशल मीडिया पर जोरदार प्रतिक्रिया दी। कुछ ने लिखा — “अब बस! अब सम्मान नहीं, जवाब देने का वक्त है।” वहीं कुछ ने कहा — “खेल भावना का यह सही संदेश नहीं है, लेकिन देशभक्ति की भावना समझी जा सकती है।”
हॉन्ग कॉन्ग सिक्सेस 2025 का यह मुकाबला न केवल रोमांचक क्रिकेट के लिए याद किया जाएगा, बल्कि मैदान पर हुई इस घटना के कारण भी सुर्खियों में रहेगा। भारत की यह जीत एक बार फिर दिखाती है कि दोनों देशों के बीच मुकाबला सिर्फ खेल नहीं, बल्कि भावनाओं का महासंग्राम होता है।








