• Create News
  • ▶ Play Radio
  • जय शाह के कदम से छलक पड़े प्रतिका रावल के आंसू: महिला वर्ल्ड कप की हीरोइन को आखिर मिला उनका मेडल

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए 2025 का महिला वर्ल्ड कप ऐतिहासिक रहा। भारत ने पहली बार विश्व कप ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा, लेकिन इस जीत के जश्न के बीच एक चेहरा था जिसकी आंखों में खुशी के साथ एक अधूरी कसक भी झलक रही थी — प्रतिका रावल। टूर्नामेंट के दौरान शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें चोट के कारण फाइनल मुकाबले से बाहर रहना पड़ा था, और इसी वजह से उन्हें वर्ल्ड कप मेडल नहीं मिला था।

    लेकिन अब वह कसक खत्म हो गई है। बीसीसीआई सचिव जय शाह के हस्तक्षेप के बाद प्रतिका रावल को आखिरकार उनका वर्ल्ड कप मेडल मिल गया। यह पल इतना भावुक था कि मेडल हाथ में लेते ही प्रतिका की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।

    25 वर्षीय प्रतिका रावल ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन बल्लेबाजी की थी। वह भारत की ओर से दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी रहीं। लेकिन सेमीफाइनल के दौरान लगी गंभीर चोट के कारण उन्हें आगे के मुकाबलों से बाहर होना पड़ा। टीम इंडिया ने बिना उनके फाइनल खेलकर दक्षिण अफ्रीका को हराया और पहली बार विश्व कप जीत लिया।

    टीम की हर सदस्य ने जीत के बाद हर जश्न — मैदान से लेकर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मुलाकात तक — में प्रतिका को अपनी सफलता का हिस्सा बताया। फिर भी, मेडल से वंचित रहना प्रतिका और उनके साथियों के लिए निराशा का कारण बना रहा।

    इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रशंसकों और पूर्व खिलाड़ियों ने भी आईसीसी (ICC) से नियमों में बदलाव की मांग की। फैंस ने कहा कि किसी खिलाड़ी का योगदान केवल मैदान पर खेलने तक सीमित नहीं होता, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में टीम के प्रदर्शन और तैयारी में भी उसकी भूमिका अहम होती है।

    इसी बीच, बीसीसीआई सचिव जय शाह ने इस मामले को व्यक्तिगत रूप से अपने हाथ में लिया। उन्होंने टीम इंडिया की मैनेजर को संदेश भेजकर आश्वासन दिया कि वह प्रतिका का मेडल दिलाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। कुछ ही दिनों बाद आईसीसी ने इस पर सकारात्मक कदम उठाया, और आखिरकार प्रतिका रावल को उनका बहुप्रतीक्षित वर्ल्ड कप मेडल सौंप दिया गया।

    प्रतिका ने CNN-News18 से बातचीत में कहा, “मुझे जय शाह का मैसेज मिला कि वे मेरे मेडल का इंतज़ाम कर रहे हैं। कुछ दिनों बाद जब वह पैकेट मेरे पास आया और मैंने उसे खोला, तो मेरी आंखों से आंसू निकल आए। मैं ज़्यादा भावुक होने वाली इंसान नहीं हूं, लेकिन उस पल को मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती। यह मेरे लिए सपने के सच होने जैसा था।”

    उन्होंने आगे कहा कि मेडल मिलना उनके लिए सिर्फ एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उस मेहनत और समर्पण की पहचान है जो उन्होंने भारतीय टीम के लिए दिया। “मैंने इस टूर्नामेंट में अपना सब कुछ झोंक दिया था। जब चोट के कारण फाइनल नहीं खेल पाई, तो दिल टूटा था। लेकिन अब यह मेडल मेरे सफर की सबसे खूबसूरत याद बन गया है,” प्रतिका ने कहा।

    टीम इंडिया की कप्तान ने भी प्रतिका को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत अब “सच में पूरी” हो गई है। कप्तान ने कहा, “प्रतिका हमारे लिए सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि प्रेरणा थीं। उन्होंने टूर्नामेंट के दौरान हमें जो आत्मविश्वास दिया, वही हमें फाइनल तक लेकर गया।”

    बीसीसीआई की ओर से भी बयान आया है कि बोर्ड खिलाड़ियों के मनोबल को बनाए रखने के लिए हमेशा तत्पर रहेगा। जय शाह ने कहा, “हर खिलाड़ी जिसने देश के लिए योगदान दिया है, वह सम्मान का हकदार है। प्रतिका ने मैदान पर और उसके बाहर, दोनों जगह टीम के लिए अहम भूमिका निभाई है।”

    आईसीसी के सूत्रों के मुताबिक, यह घटना अब भविष्य के लिए एक मिसाल बनेगी, और ऐसे मामलों में अब घायल खिलाड़ियों को भी उचित सम्मान देने पर विचार किया जाएगा।

    प्रतिका रावल का यह भावुक पल अब पूरे देश के लिए गर्व का क्षण बन गया है। सोशल मीडिया पर उनकी मुस्कुराती तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिसमें वे अपने मेडल को सीने से लगाए खड़ी हैं।

    यह सिर्फ एक खिलाड़ी का मेडल नहीं, बल्कि उस समर्पण, मेहनत और जज़्बे की पहचान है जो भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर लेकर जा रहा है।

  • Related Posts

    Manas Abhiyan 2.0: पीएम श्री स्टेडियम भादरा में कबड्डी प्रतियोगिता का समापन, झांसल और शेरडा बने विजेता

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। Bhadra (हनुमानगढ़)। Manas Abhiyan 2.0 के अंतर्गत PM Shri Stadium में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता का समापन समारोह उत्साह और खेल…

    Continue reading
    भादरा की मोनिका श्योराण ने एशियाई कुश्ती में जीता कांस्य पदक, दक्षिण कोरिया को 9-0 से हराया

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। राजेश चौधरी | हनुमानगढ़ | समाचार वाणी न्यूज़ तहसील भादरा, जिला हनुमानगढ़ की बेटी मोनिका श्योराण ने एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *