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दक्षिण अफ्रीका के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक (Quinton de Kock) ने वनडे क्रिकेट में अपने संन्यास को पलटते हुए शानदार वापसी की है। मंगलवार को पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए दूसरे वनडे में उन्होंने नाबाद 123 रन (119 गेंदों) की विस्फोटक पारी खेलकर अपनी क्लास और क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। उनकी इस पारी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज़ 1-1 से बराबर कर दी।
31 वर्षीय डिकॉक ने पिछले साल वनडे क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान किया था, लेकिन पाकिस्तान दौरे से पहले उन्होंने अपना निर्णय बदलकर टीम में वापसी की।
कई क्रिकेट विशेषज्ञों ने इस फैसले को साहसिक बताया था, और फैसलाबाद में खेले गए मुकाबले में डिकॉक ने अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि वह अभी भी दक्षिण अफ्रीका के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक हैं।
उनकी नाबाद 123 रन की पारी में उन्होंने 7 चौके और 6 छक्के जड़े। यह पारी न सिर्फ मैच जिताने वाली साबित हुई, बल्कि सांख्यिकीय रूप से भी ऐतिहासिक रही।
इस शतक के साथ डिकॉक ने अपने वनडे करियर का 22वां शतक पूरा किया, और इसी के साथ उन्होंने हर्शल गिब्स (21 शतक) को पीछे छोड़ दिया।
अब दक्षिण अफ्रीका के इतिहास में केवल दो बल्लेबाज —
हाशिम अमला (27 शतक) और एबी डिविलियर्स (25 शतक)
— ही डिकॉक से आगे हैं।
वैश्विक स्तर पर भी डिकॉक अब सौरव गांगुली और डेविड वॉर्नर के बराबर पहुँच गए हैं, जबकि इस सूची में शीर्ष पर विराट कोहली (51 शतक) हैं।
पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में 269/9 रन बनाए।
उनकी पारी की शुरुआत कमजोर रही जब दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज नंद्रे बर्गर और नकाबा पीटर ने शुरुआती झटके दिए।
बर्गर ने 4 विकेट लेकर पाकिस्तान के शीर्ष क्रम को झकझोर दिया, जिसमें बाबर आज़म, फखर ज़मान और मोहम्मद रिज़वान जैसे महत्वपूर्ण बल्लेबाज शामिल थे।
हालांकि पाकिस्तान के लिए सईम अय्यूब (53), सलमान अली आगा (69) और मोहम्मद नवाज़ (59) ने संघर्षपूर्ण पारियाँ खेलीं, जिससे टीम एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुँच पाई।
लक्ष्य का पीछा करते हुए डिकॉक ने शुरुआत से ही आत्मविश्वास दिखाया।
उन्होंने युवा साथी लुआन-द्रे प्रिटोरियस (46 रन) के साथ पहले विकेट के लिए 81 रन की साझेदारी की।
इसके बाद उन्होंने टोनी डि ज़ॉर्जी (76 रन) के साथ मिलकर 153 रन की साझेदारी की — जो पाकिस्तान में पाकिस्तान के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है।
डिकॉक ने अपनी पारी के दौरान मोहम्मद नवाज़ की गेंद पर 80 मीटर लंबा छक्का जड़ा, और जल्द ही मोहम्मद वसीम जूनियर के ओवर में दो और चौके लगाए।
उनका स्ट्राइक रेट 103 से अधिक रहा, जो दिखाता है कि उन्होंने मैच पर पूरी तरह से नियंत्रण रखा।
पारी की शुरुआत में उन्हें एक जीवनदान मिला जब मोहम्मद नवाज़ ने मिडविकेट पर उनका आसान कैच छोड़ दिया।
डिकॉक ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और शतक तक पहुँचते हुए पाकिस्तान के गेंदबाजों की धज्जियाँ उड़ा दीं।
यह पारी उनकी पुरानी आक्रामक शैली की झलक थी — शांत शुरुआत, तेज मिड-फेज और धधकता हुआ अंत।
मैच के बाद दक्षिण अफ्रीका के कोच शुकरी कॉनराड ने कहा —
“क्विंटन की यह पारी उनके अनुभव और आत्मविश्वास की मिसाल है। उन्होंने टीम में नई ऊर्जा और स्थिरता लाई है। उनकी वापसी हमारे लिए वरदान साबित हो रही है।”
स्टैंड-इन कप्तान मैथ्यू ब्रीट्ज़के, जिन्होंने 17* रन बनाकर डिकॉक के साथ जीत पूरी की, ने कहा —
“वह मैदान पर हमेशा शांत रहते हैं। उनका अंदाज़ टीम को प्रेरित करता है। आज की पारी में उन्होंने दिखा दिया कि क्लास कभी फीकी नहीं पड़ती।”
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वनडे मैच: 153
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रन: 6,500+
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औसत: 45.2
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शतक: 22
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स्ट्राइक रेट: 96+
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दक्षिण अफ्रीका के लिए तीसरे सबसे अधिक शतक लगाने वाले खिलाड़ी
ये आंकड़े बताते हैं कि क्यों डिकॉक को आधुनिक युग के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर-बल्लेबाजों में गिना जाता है।
इस जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका ने तीन मैचों की सीरीज़ 1-1 से बराबर कर ली।
पहले मैच में पाकिस्तान की जीत के बाद टीम पर दबाव था, लेकिन डिकॉक की इस शतकीय पारी ने टीम का आत्मविश्वास वापस दिलाया।
मैच की समाप्ति के बाद स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया।
यह सिर्फ जीत नहीं थी — यह एक “कमबैक स्टोरी” थी, जिसमें एक खिलाड़ी ने अपने करियर के नए अध्याय की शुरुआत सुनहरे अंदाज़ में की।
डिकॉक की यह वापसी क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गई है। क्रिकेट विशेषज्ञों ने इसे “परफेक्ट रिटर्न” कहा है।
पूर्व कप्तान एबी डिविलियर्स ने सोशल मीडिया पर लिखा —
“क्विंटन की पारी देखकर लगा जैसे समय रुक गया हो। वह दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेट की धड़कन हैं।”
क्विंटन डिकॉक की यह पारी सिर्फ एक शतक नहीं थी, बल्कि यह एक संदेश था —
“फॉर्म आती-जाती रहती है, लेकिन क्लास हमेशा कायम रहती है।”
संन्यास से वापसी करने के बाद उनकी यह पारी उस जुनून और विश्वास की कहानी है, जो हर खिलाड़ी को प्रेरित करती है।








