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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की वोटिंग समाप्त होते ही सियासी बयानबाज़ी जोर पकड़ गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि बिहार में बीजेपी और जेडीयू का गठबंधन केवल सत्ता के लिए है और चुनाव के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘किनारे’ कर दिया जा सकता है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी का यह दावा कि एनडीए की लहर है, यह सिर्फ उनका भ्रम है। बिहार के मतदाता अब समझ चुके हैं कि विकास के नाम पर केवल सत्ता की राजनीति हो रही है। जनता अब सच देख रही है और महागठबंधन मजबूत स्थिति में है।” उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए और महागठबंधन के बीच इस बार चुनाव का मुकाबला कांटे की टक्कर जैसा है और किसी भी ओर झुकाव नहीं है।
खरगे ने बताया कि कांग्रेस और महागठबंधन के प्रत्याशी पूरे उत्साह के साथ चुनाव मैदान में हैं। उनकी ग्राउंड रिपोर्ट कहती है कि जनता का समर्थन अच्छे स्तर पर है और लोग एनडीए की लहर के दावे को सच मानने के बजाय महागठबंधन की ओर झुकाव दिखा रहे हैं। उन्होंने एनडीए के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार के मतदाता अब सिर्फ राजनीतिक बयानबाज़ी से प्रभावित नहीं होते।
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी संकेत दिया कि बीजेपी के अंदर जेडीयू के साथ गठबंधन में सत्ता संघर्ष गहराया हुआ है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद यदि बीजेपी को अवसर मिला, तो नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाने की संभावना है। उनका मानना है कि एनडीए में सत्ता की होड़ ने गठबंधन को स्थायी नहीं बनाया है और बिहार की राजनीति में बदलाव संभव है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने बयान में यह भी कहा कि महागठबंधन की रणनीति स्थिर और संगठित है। पार्टी ने अपने प्रत्याशियों को जनता तक पहुंचाने और स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देने के लिए मजबूत अभियान चलाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार के मतदाता विकास, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय के मुद्दों को लेकर वोट कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, मल्लिकार्जुन खरगे का यह बयान केवल राजनीतिक विरोध का हिस्सा है, लेकिन इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि महागठबंधन इस बार बिहार में कड़ी चुनौती पेश कर रहा है। एनडीए के मुकाबले महागठबंधन की पकड़ मजबूत है और चुनाव परिणाम के बाद राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
खरगे ने यह भी कहा कि बिहार में अब केवल बीजेपी और जेडीयू का गठबंधन सत्ता में रहने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। जनता के फैसले के अनुसार राज्य की राजनीतिक दिशा तय होगी और महागठबंधन मजबूत विकल्प साबित हो सकता है।
इस बयान के बाद बिहार की सियासत में चर्चा का नया दौर शुरू हो गया है। एनडीए के अंदर भी इस पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है और विपक्ष का यह तंज अगले दिनों चुनावी रणनीति और मीडिया कवरेज में प्रमुख रहेगा।
मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी से यह भी स्पष्ट है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजनीतिक पार्टियों के बीच सत्ता और रणनीति की लड़ाई अब और भी गहन होने वाली है। जनता की नजरें अब अगले चरण के मतदान और अंतिम परिणाम पर टिकी हैं।








