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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका में इस महीने आयोजित होने वाले G20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने से इनकार कर दिया है। इस घोषणा के बाद भारत में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। कांग्रेस पार्टी ने इस अवसर पर सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए निशाना साधा।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए बिना नाम लिए पीएम मोदी पर संकेत किया कि ट्रंप की घोषणा के बावजूद मोदी जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। उन्होंने इसे लेकर एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी की, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
इससे पहले कांग्रेस ने पीएम मोदी के आसियान समिट को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करने पर भी आलोचना की थी। पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री स्वयंभू विश्वगुरु बनने का दावा करते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की उपस्थिति को लेकर आलोचना सहन करनी पड़ती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि G20 शिखर सम्मेलन वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर निर्णय लेने का महत्वपूर्ण मंच है। अमेरिका जैसे प्रमुख देश का प्रतिनिधित्व न करना सम्मेलन की प्रक्रिया और चर्चाओं पर असर डाल सकता है। ट्रंप के इनकार के बाद भारत समेत अन्य देशों के प्रतिनिधियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी।
कांग्रेस का यह तंज राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी ने यह संकेत दिया कि प्रधानमंत्री मोदी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की उपस्थिति को लेकर आलोचना के दायरे में आ सकते हैं। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि ट्रंप का शिखर सम्मेलन में न आना, मोदी के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह मामला केवल व्यक्तिगत आलोचना नहीं है, बल्कि भारत की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी सवाल उठाता है। G20 शिखर सम्मेलन में भागीदारी से देश की वैश्विक छवि मजबूत होती है, और किसी प्रमुख देश का न आना, बैठक के निर्णयों और भारत की भागीदारी की छवि को प्रभावित कर सकता है।
ज्ञात हो कि G20 शिखर सम्मेलन में विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता शामिल होते हैं। इस साल का सम्मेलन दक्षिण अफ्रीका में आयोजित होने जा रहा है। इसमें वैश्विक आर्थिक सुधार, व्यापार नीति, जलवायु परिवर्तन, और विकासशील देशों के मुद्दे प्रमुख रूप से चर्चा में रहेंगे।
कांग्रेस ने इस अवसर पर पीएम मोदी के निर्णय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की उपस्थिति पर सवाल उठाकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की है। पार्टी ने इसे वैश्विक कूटनीति और घरेलू राजनीतिक एजेंडा का मिश्रण बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का इनकार केवल अमेरिका के राजनीतिक निर्णयों का परिणाम है, जबकि भारत को अपनी विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनानी होगी। इस बीच, विपक्षी दलों का ध्यान इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की ओर केंद्रित है।
इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि G20 शिखर सम्मेलन न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का मंच है, बल्कि भारत की विदेश नीति पर राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है। आगामी दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और मीडिया कवरेज बढ़ने की संभावना है।
कांग्रेस का यह हमला इस बात का संकेत भी देता है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की उपस्थिति और वैश्विक नेतृत्व की छवि अब घरेलू राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गई है। यह मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस और मीडिया की नज़रों में प्रमुख बना रहेगा।








