इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

जम्मू-कश्मीर में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही आतंकियों की घुसपैठ की कोशिशें एक बार फिर तेज हो गई हैं। भारतीय सेना ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम करने के लिए अब ‘ऑपरेशन पिंपल’ नामक एक विशेष अभियान शुरू किया है। यह ऑपरेशन फिलहाल कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में चल रहा है, जो नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटा हुआ इलाका है। इस क्षेत्र में पिछले कई हफ्तों से आतंकियों की हलचल बढ़ी हुई थी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने इस विशेष अभियान की योजना तैयार की।
‘ऑपरेशन पिंपल’ का उद्देश्य पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ कर रहे आतंकवादियों को रोकना और एलओसी के पास सक्रिय आतंकी मॉड्यूल्स को खत्म करना है। भारतीय सेना ने अब तक इस ऑपरेशन में दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया है, जबकि इलाके में अभी भी बड़े स्तर पर तलाशी अभियान जारी है। यह अभियान सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त प्रयासों से चलाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, केरन सेक्टर में बीते सप्ताह रात के समय कुछ संदिग्ध गतिविधियां दर्ज की गईं थीं। ड्रोन सर्विलांस और थर्मल इमेजिंग कैमरों से मिले इनपुट के बाद सेना ने घुसपैठ की आशंका जताई। इसके बाद तुरंत ऑपरेशन पिंपल लॉन्च किया गया।
सैन्य सूत्रों का कहना है कि यह ऑपरेशन कई चरणों में चलाया जाएगा ताकि इलाके में किसी भी आतंकी स्लीपर सेल को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। इस ऑपरेशन की खास बात यह है कि इसमें अत्याधुनिक नाइट विजन उपकरणों, ड्रोन सर्विलांस सिस्टम, और मल्टी-लेयर कॉम्बैट स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सैन्य सूत्रों के मुताबिक, ऑपरेशन को ‘पिंपल’ नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि यह अभियान एलओसी के उस क्षेत्र में शुरू किया गया है, जो भौगोलिक रूप से ‘Pimple Ridge’ नामक ऊंचाई पर स्थित है। यह इलाका घने जंगलों और पहाड़ी दर्रों से घिरा हुआ है, जहां आतंकियों के छिपने की संभावना अधिक रहती है।
कुपवाड़ा, केरन, तंगधार और माछिल सेक्टर आतंकियों के पारंपरिक मार्ग रहे हैं, जहां से वे पाकिस्तान-ऑक्यूपाइड कश्मीर (PoK) से भारत में घुसपैठ की कोशिश करते हैं। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, “सर्दी की शुरुआत के साथ ही बर्फबारी से पहले आतंकियों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, क्योंकि वे मौसम बिगड़ने से पहले भारत में प्रवेश करना चाहते हैं।”
ऑपरेशन पिंपल इन्हीं कोशिशों को नाकाम करने के लिए शुरू किया गया है। सेना को इस बात की जानकारी मिली थी कि 5 से 7 आतंकियों का एक ग्रुप केरन सेक्टर से भारत में घुसने की कोशिश कर रहा है, जिसके बाद सेना ने क्षेत्र को घेरकर एक सर्च एंड डेस्ट्रॉय मिशन शुरू किया।
अब तक की कार्रवाई में सेना ने दो आतंकवादियों को ढेर किया है। घटनास्थल से एके-47 राइफलें, हैंड ग्रेनेड, और पाकिस्तानी मूल के खाद्य पदार्थ बरामद किए गए हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि ये आतंकी पाकिस्तान से घुसपैठ कर भारत में किसी बड़े हमले की साजिश रचने वाले थे। सेना की ओर से बताया गया है कि ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक पूरे क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता।
यह पहली बार नहीं है जब भारतीय सेना ने सीमा पार से आने वाले आतंकियों के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई की हो। इससे पहले, पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत कई आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। अब ‘ऑपरेशन पिंपल’ उसी रणनीति का विस्तार है, जिसमें आतंकियों को “देखते ही खत्म करो” (Shoot at Sight) के आदेश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के ऑपरेशन्स न केवल सीमाओं पर सुरक्षा को मजबूत करते हैं बल्कि यह पाकिस्तान को भी स्पष्ट संदेश देते हैं कि भारत अब किसी भी उकसावे पर कड़ा और तुरंत जवाब देने में सक्षम है।
सेना की ओर से लगातार कहा गया है कि घुसपैठ की कोई भी कोशिश अब पहले जैसी नहीं छोड़ी जाएगी। नियंत्रण रेखा पर हाई-टेक निगरानी प्रणाली, सैटेलाइट इमेजिंग और ड्रोन पैट्रोलिंग के ज़रिए अब हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
‘ऑपरेशन पिंपल’ इस बात का प्रमाण है कि भारतीय सेना हर परिस्थिति में देश की सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। यह अभियान न केवल एलओसी पर आतंकवादियों की घुसपैठ को रोकने में मदद करेगा, बल्कि आने वाले दिनों में भारत की सुरक्षा रणनीति की रीढ़ भी साबित हो सकता है।








