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नासिक में आयोजित होने वाले अगले बड़े धार्मिक आयोजन सिंहस्थ कुंभ मेला 2026‑27 की तैयारियों को गति देने के लिए शहर के डिविजनल कमिश्नर प्रवीण गेडाम ने शुक्रवार को अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इस महापर्व के दौरान ट्रैफिक वड़्यव्स्था सुनिश्चित करना उनकी प्रमुख जिम्मेदारी है। गेडाम ने बैठक में कहा कि आयोजक और प्रशासन को पहले से समन्वित प्लान तैयार करना होगा ताकि श्रद्धालुओं के आगमन‑प्रस्थान, पार्किंग व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, आपातकालीन निकासी रूट और पैदल चलने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने विशेष रूप से बताया कि मेला मुख्य रूप से नासिक व त्र्यंबकेश्वर के इलाकों में आयोजित होगा, जहाँ अगस्त‑सितंबर 2027 में अमृत स्नान के प्रमुख दिन निर्धारित हैं। उत्सव की अवधि में विभिन्न प्रकार के साधन‑ढेर जैसे रेल, बस, निजी वाहन और पैदल यात्री शामिल होंगे। ऐसे में ट्रैफिक व पार्किंग की तैयारियों में देरी नहीं होना चाहिए। गेडाम ने कहा, “पार्किंग स्थानों, स्वस्थ्य शिविरों, लवाजिम सुविधाओं और भोजन व्यवस्था के लिए सभी विभागों को समय रहते मैदान में उतरना होगा। भिड़ के हालात और ट्रैफिक जाम का जोखिम मना नहीं है।”
प्रशासन ने पार्किंग तथा वाहन संचलन को नियंत्रित करने के लिए विशेष डायरेक्शन दिए हैं। मेला क्षेत्र के आसपास चिह्नित पार्किंग ज़ोन बनाए जाएंगे, जिनमें वाहन, दर्शनार्थी, सड़क किनारे अव्यवस्थित खड़ी गाड़ियों की समस्या से बचा जा सकेगा। साथ ही फटाफट निकासी मार्ग तथा आपातकालीन वाहन‑रूट भी सुनिश्चित होंगे। पुलिस, यातायात विभाग, नगरपालिका व अन्य स्टेकहोल्डर्स को समग्र तरीके से काम करने का निर्देश दिया गया है।
इस बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि मेला से जुड़े राहगीर बस स्टॉप्स, रेस्ट एरिया, स्वास्थ्य शिविर और जनस्वास्थ्य सुविधाओं के बदले जो भ्रम‑उत्पादन हो सकता है, उसे रोकने के लिए टीम‑वर्क जरूरी है। गेडाम ने कहा कि केवल ट्रैफिक तो नहीं बल्कि शिक्षा, स्वच्छता, बैकअप पानी, शौचालय व सुरक्षा की तैयारी भी त्वरित होनी चाहिए। इस तरह की समस्त व्यवस्थाओं के बिना विशाल संख्या में आगंतुकों का प्रबंधन संभव नहीं है।
विश्लेषकों का कहना है कि नासिक‑त्र्यंबकेश्वर मेला हर बार बड़ी चुनौतियों के साथ आता है क्योंकि देशभर से लाखों‑करोड़ों श्रद्धालु एकत्र होते हैं। पिछली बार भी ट्रैफिक, पार्किंग और जनसैलाब नियंत्रण में दिक्कतें आई थीं। इसलिए इस बार विशेषज्ञों के मुताबिक ‘पहले से तैयारी’ का महत्व पहले से कहीं अधिक है।
नासिक जिले के नागरिकों में तैयारियों को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। व्यस्त बाजार, पवित्र घाट, मुख्य मार्ग इत्यादि पर पहले से सड़क व पार्किंग सुधार शुरू हो चुके हैं। यदि प्रशासन ने ट्रैफिक और जनसैलाब प्रबंधन को समयबद्ध तरीके से संभाला, तो इस अवसर पर शहर को महापर्व के बाद भी लंबी‑मियाद में लाभ हो सकता है।
अब प्रशासन के लिए असली परीक्षा यह है कि तयशुदा प्लान को निष्पादन की गति मिल सके और मेला के दौरान श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। आने वाले महीनों में विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी और उन्हें निरंतर समीक्षा के साथ इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग, ड्रोन सर्विलांस, यातायात निगरानी जैसे हाई‑टेक उपकरणों का उपयोग भी करना होगा।
‘सिंहस्थ कुंभ मेला 2026‑27’ की तैयारी नासिक को नए मुकाम पर ले जाने का अवसर है, और ट्रैफिक‑प्रबंधन जैसी बुनियादी व्यवस्था समय पर सुनिश्चित हो गई, तो यह आयोजन सुचारू व सुरक्षित तरीके से सम्पन्न होगा। नासिक का यह महापर्व फिर गौरव का अवसर बन सकता है।








