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  • नासिक नगर निगम ने आबंटित किए ₹19.6 करोड़ — सिंहस्थ कुंभ मेला 2026‑28 के लिए ज़मीन सर्वे और अन्य तैयारियों के काम

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    नासिक नगर निगम ने आगामी सिंहस्थ कुंभ मेला 2026‑28 की तैयारियों को गति देने के लिए ₹19.6 करोड़ की राशि आबंटित की है। इस राशि का उपयोग ज़मीन सर्वेक्षण, स्थायी और अस्थायी ज़मीन अधिग्रहण तथा अन्य सहयोगी कार्यों के लिए किया जाएगा। ये तैयारियाँ मुख्य रूप से साधुग्राम, पार्किंग व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए की जा रही हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार, साधुग्राम परियोजना के अंतर्गत नासिक के टापोवन इलाके में लगभग 1,152 एकड़ भूमि पर साधुओं और तीर्थयात्रियों के लिए अस्थायी आवासीय व्यवस्था तैयार की जाएगी। वर्तमान में 377 एकड़ क्षेत्र को ‘नो‑डेवलपमेंट जोन’ के रूप में चिह्नित किया गया है। 94 एकड़ भूमि पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी है, जबकि बाकी 283 एकड़ स्थायी अधिग्रहण के लिए तय है। इसके अलावा लगभग 775 एकड़ भूमि अस्थायी पट्टे पर ली जाएगी।

    नगर निगम अधिकारी ने बताया कि सर्वेक्षण के बाद उपयुक्त प्लॉट्स का चयन किया जाएगा और टेंट, आवासीय इकाइयाँ, स्वास्थ्य शिविर और आवश्यक सुविधाओं के लिए विस्तृत लेआउट तैयार किया जाएगा। इसके अलावा, मुख्य सड़कों का चौड़ीकरण और यातायात प्रवाह का नियोजन भी शामिल है ताकि मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं का आगमन और प्रस्थान सुचारू रूप से हो सके।

    पिछली कुम्भ की तुलना में इस बार तीर्थयात्रियों की संख्या कई गुना अधिक होने का अनुमान है। पिछले मेले में लगभग 2.5 करोड़ लोग पहुंचे थे, जबकि इस बार अनुमानित संख्या लगभग 10 करोड़ है। ऐसे में ज़मीन अधिग्रहण, पार्किंग, यातायात और आपातकालीन सेवाओं का सुचारू संचालन अनिवार्य है।

    नगर निगम ने इस राशि के आवंटन के साथ ही सभी संबंधित विभागों को कार्यों की समयबद्ध रूप से निगरानी करने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया है। अधिकारीयों ने कहा कि ₹19.6 करोड़ का उद्देश्य केवल भूमि अधिग्रहण नहीं बल्कि कुंभ मेला के सभी सहायक कार्यों को सुनिश्चित करना है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना समय पर लागू हो गई, तो नासिक में कुम्भ मेला सफलतापूर्वक और व्यवस्थित रूप से आयोजित किया जा सकेगा। वहीं, विलंब या व्यवधान आने पर तीर्थयात्रियों के लिए परेशानी पैदा हो सकती है और प्रशासन को अतिरिक्त संसाधनों का उपयोग करना पड़ेगा।

    नासिक शहरवासियों को उम्मीद है कि स्थायी और अस्थायी संरचनाओं के निर्माण के साथ-साथ साधुग्राम परियोजना, ट्रैफिक व पार्किंग प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएँ और स्वच्छता की व्यवस्था समय पर पूरी होगी। यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू हुई, तो नासिक को न केवल इस मेले के दौरान बल्कि भविष्य में भी स्थायी लाभ प्राप्त होगा।

    अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि ₹19.6 करोड़ की राशि का प्रयोग सही दिशा में हो और मेले की तैयारियाँ समय पर पूरी हों। यह नासिक के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसमें कुंभ मेला सुचारू, सुरक्षित और अनुशासित तरीके से संपन्न होगा, और शहरवासियों व तीर्थयात्रियों दोनों के लिए राहत और सुविधा सुनिश्चित होगी।

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