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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीतामढ़ी, मां सीता की जन्मस्थली से महिलाओं के हाथों में NDA की जीत का कमान सौंपते हुए बड़ा चुनावी दांव खेला। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि महागठबंधन से छुटकारा दिलाना अब बिहार की आधी आबादी यानी महिलाओं के हाथ में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार के युवा, विशेषकर लड़कियां और महिलाएं, अब राज्य के भविष्य की दिशा तय कर सकती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, “कट्टा और दोनाली वालों के राज से बचाना अब आपकी जिम्मेदारी है। तभी बिहार का बच्चा रंगदार नहीं बनेगा, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर और अदालत में जज बनेगा।” उनका संदेश साफ था कि बिहार का विकास और शिक्षा के अवसर महिलाओं के हाथों में सुरक्षित हैं।
सीतामढ़ी में महिलाओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि Bihar के बहन-बेटियों ने पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान कर यह दिखाया कि वे बदलाव और विकास की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की महिलाएं एनडीए की विजय की नींव हैं और उनके भरोसे से ही राज्य में फिर से विकास की राह खुलेगी।
प्रधानमंत्री ने अपनी रैली में महिला सशक्तिकरण और विकास के मुद्दों पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी सिर्फ वोट देने तक सीमित नहीं है। उनका मानना है कि महिलाओं की सक्रिय भूमिका बिहार में न केवल सरकार चुनने में बल्कि राज्य के समग्र विकास में भी निर्णायक होगी।
इस अवसर पर पीएम मोदी ने महागठबंधन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके राज में बिहार का बच्चा रंगदार नहीं बन सकता था। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार के तहत महिलाएं, युवा और किसान विकास के केंद्र में रहेंगे। पीएम मोदी की यह रैली NDA की चुनावी रणनीति में आधी आबादी को शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
रैली में मौजूद लोगों ने प्रधानमंत्री के संबोधन का गर्मजोशी से स्वागत किया। विशेष रूप से महिलाओं की भारी उपस्थिति ने यह संकेत दिया कि उनकी भागीदारी राजनीतिक परिवर्तन और एनडीए की सफलता में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि PM मोदी का यह रणनीतिक कदम महिलाओं को चुनाव में शामिल करने के दृष्टिकोण को और मजबूत करेगा। सीतामढ़ी से दिए गए संदेश ने यह स्पष्ट कर दिया कि बिहार में विकास, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण एनडीए की प्राथमिकता होगी।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान यह भी कहा कि बिहार की महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और उन्होंने पहले चरण के मतदान में इस बात का प्रमाण दिया कि विकास और शासन सुधार में उनकी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं को सशक्त करते हुए एनडीए की विजय सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी।
इस तरह पीएम मोदी की सीतामढ़ी रैली महिलाओं पर केन्द्रित चुनावी रणनीति का जीवंत उदाहरण बन गई। उनका संदेश स्पष्ट है कि बिहार की आधी आबादी का समर्थन एनडीए की सफलता और राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के समापन में महिलाओं से अपील की कि वे विकास के इस संकल्प को मजबूत बनाएं और बिहार को कट्टा सरकार से बचाएं। उनका संदेश साफ था: “अब बिहार के भविष्य की कमान आपके हाथ में है, इसे सही दिशा में आगे बढ़ाएं।”








