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देशभर में शादी का सीजन जोरों पर है और इस बीच सोने की कीमतों में थोड़ी नरमी देखने को मिली है। लंबे समय से लगातार बढ़ते भावों के बाद अब सोने की कीमतों में हल्की गिरावट आई है। निवेशकों और ग्राहकों के लिए यह एक राहत की खबर है क्योंकि सोना इस समय फिर से सस्ता होकर कारोबार कर रहा है। वहीं, चांदी के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है और कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
भारतीय सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव 1,23,635 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इसके विपरीत चांदी के दामों में कोई उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया और यह लगभग 1,64,000 रुपये प्रति किलो के स्तर पर कायम है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के कारण आई है। अमेरिका और यूरोप के आर्थिक आंकड़ों में स्थिरता और डॉलर इंडेक्स में मामूली मजबूती के चलते सोने पर दबाव बना है। वहीं, क्रूड ऑयल की कीमतों में स्थिरता और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के कारण भी निवेशकों ने सोने में आंशिक मुनाफावसूली की है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, शादी के सीजन में सोने की मांग में तेजी बनी हुई है। देशभर के सर्राफा बाजारों और ज्वेलरी शोरूम्स में ग्राहकों की भीड़ बढ़ रही है, खासकर उत्तर भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में। हालांकि कीमतों में हल्की गिरावट आने से अब ग्राहकों को खरीदारी में थोड़ी राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी है और आने वाले हफ्तों में फिर से सोने की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो वहां भी सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। कॉमेक्स (COMEX) पर गोल्ड फ्यूचर्स 2 डॉलर की गिरावट के साथ 2,360 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहे हैं, जबकि सिल्वर 28 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर स्थिर बनी हुई है। डॉलर की मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स में उछाल का असर कीमती धातुओं पर पड़ रहा है।
भारत में इस समय सोने की मांग पर दो कारक प्रमुख प्रभाव डाल रहे हैं — एक ओर त्योहारी और शादी का सीजन, और दूसरी ओर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां। जहां घरेलू मांग बढ़ने से सोने की खरीदारी में तेजी है, वहीं वैश्विक स्तर पर निवेशक ब्याज दरों और डॉलर की दिशा पर नजर रखे हुए हैं।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती के संकेत देता है तो सोना एक बार फिर नए रिकॉर्ड स्तर पर जा सकता है। वहीं, अगर डॉलर मजबूत होता है तो सोने की कीमतों में थोड़ी नरमी बनी रह सकती है।
उपभोक्ताओं के लिए यह समय सोना खरीदने का सही मौका माना जा रहा है। कीमतों में मामूली गिरावट और बाजार में उपलब्धता के चलते ज्वेलरी शॉप्स में अच्छी खासी हलचल देखी जा रही है। सोने के दाम में हर उतार-चढ़ाव शादी के सीजन में उपभोक्ताओं के बजट को प्रभावित करता है, लेकिन फिलहाल यह गिरावट उनके लिए राहत लेकर आई है।
इस तरह, शादी के सीजन में सोने की चमक थोड़ी फीकी जरूर पड़ी है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी असली रौनक अभी बाकी है। आने वाले दिनों में त्योहारी खरीदारी के साथ सोने की कीमतों में फिर से तेजी लौट सकती है।








