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भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों पर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि टीम को अभी लंबा रास्ता तय करना है। उन्होंने साफ कहा कि सिर्फ जीत के आधार पर तैयारी पूरी नहीं मानी जा सकती। गंभीर ने खिलाड़ियों को चेताते हुए कहा कि जवाबदेही और निरंतरता ही वह तत्व हैं, जो टीम इंडिया को विश्व चैंपियन बना सकते हैं।
गंभीर का यह बयान भारत की हालिया टी20 सीरीज जीत के बाद आया है। उन्होंने कहा कि जीत का जश्न मनाना गलत नहीं है, लेकिन अगर उसे उपलब्धि मान लिया जाए तो यह टीम के लिए नुकसानदायक हो सकता है। उनके अनुसार, टी20 फॉर्मेट में हर खिलाड़ी को अपनी भूमिका स्पष्ट करनी होगी और मैदान पर दबाव झेलने की क्षमता विकसित करनी होगी।
गौतम गंभीर ने कहा, “मेरे लिए सबसे अहम बात है जवाबदेही। यह मायने नहीं रखता कि हम सीरीज जीतते हैं या हारते हैं, बल्कि यह देखना जरूरी है कि खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारी कितनी ईमानदारी से निभा रहा है। अगर कोई खिलाड़ी 20 गेंदों में 10 रन बनाकर लौटता है, तो उसे सोचना चाहिए कि क्या उसने टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ किया। यह सोच ही हमें विश्व कप जीत के करीब ले जाएगी।”
उन्होंने आगे कहा कि अब वक्त है टीम के भीतर प्रतिस्पर्धा को और मजबूत करने का। गंभीर ने कहा कि 2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए अभी से टीम तैयार की जा रही है, लेकिन खिलाड़ियों को यह समझना होगा कि हर मैच में प्रयोग का मतलब यह नहीं कि लक्ष्य से भटक जाया जाए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को उसी दबाव में खेलना चाहिए, जैसा दबाव वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में होता है।
टीम इंडिया के हेड कोच ने संकेत दिए कि चयन प्रक्रिया में अब “रोटेशन” से ज्यादा “जवाबदेही” को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सिर्फ अनुभव के आधार पर कोई खिलाड़ी टीम में जगह नहीं पाएगा, बल्कि जो प्रदर्शन करेगा वही आगे बढ़ेगा। यह टीम इंडिया के लिए नया युग है, जहां प्रतिभा के साथ-साथ मानसिक मजबूती भी सबसे बड़ी कसौटी होगी।
गंभीर ने अपने कोचिंग कार्यकाल की दिशा पर बात करते हुए कहा कि भारत के पास विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं, लेकिन उन्हें सही तरीके से इस्तेमाल करने की जरूरत है। “हमारे पास हार्दिक पंड्या, सूर्यकुमार यादव, जसप्रीत बुमराह जैसे मैच विनर्स हैं। लेकिन यह जरूरी है कि हर कोई अपनी भूमिका को पूरी तरह समझे और उस पर डटे रहे। वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में व्यक्तिगत प्रदर्शन से ज्यादा टीम के सामूहिक प्रयास मायने रखते हैं,” गंभीर ने कहा।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि आने वाले महीनों में टीम के संयोजन में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कुछ युवा खिलाड़ियों को लंबी दौड़ के लिए परखा जाएगा, जबकि अनुभवी खिलाड़ियों को भी अपनी फिटनेस और फॉर्म साबित करनी होगी।
गंभीर ने अंत में कहा, “2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए हमारी तैयारी जारी है, लेकिन यह कहना गलत होगा कि हम पूरी तरह तैयार हैं। हमें अब भी बहुत कुछ सुधारना है — चाहे वह डेथ ओवर की गेंदबाजी हो, या मध्य क्रम की स्थिरता। अगर हम जवाबदेही और टीम एथिक्स पर ध्यान दें, तो निश्चित ही भारत एक और विश्व कप जीत सकता है।”
गौतम गंभीर के इस बयान ने साफ कर दिया है कि टीम इंडिया का फोकस केवल जीतने पर नहीं, बल्कि सही मायने में विश्व स्तरीय टीम बनने पर है। उनकी यह रणनीति भारतीय क्रिकेट के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।








