• Create News
  • ▶ Play Radio
  • बजरंग दल की शिकायत पर ओशिवारा पुलिस स्टेशन के दो अधिकारी सस्पेंड, पांच के खिलाफ जांच के आदेश

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    मुंबई में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में ओशिवारा पुलिस स्टेशन के दो अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है और पांच अन्य अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई बजरंग दल की शिकायत के बाद हुई।

    बजरंग दल के जिला संयोजक शंकर उर्फ रुशव जाधव ने बताया कि वे अपने लगभग 15 से 20 कार्यकर्ताओं के साथ जोगेश्वरी स्थित पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। उनका उद्देश्य था कि वहां एक महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार की शिकायत दर्ज कराई जाए। शिकायत लेकर पहुंचने पर कार्यकर्ताओं का दावा है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें उचित सम्मान नहीं दिया।

    थाने में हुई घटना

    पुलिस के आदेश के अनुसार, जब बजरंग दल के कार्यकर्ता थाने पहुंचे, तो उन्हें एक सीनियर अधिकारी ने आश्वासन दिया कि मामले में कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी कार्यकर्ता थाने के अंदर और प्रवेश द्वार पर खड़े रहे। आरोप है कि इसी दौरान पांच पुलिसकर्मियों ने कार्यकर्ताओं पर चिल्लाया और दुर्व्यवहार किया।

    इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने ओशिवारा पुलिस स्टेशन के दो अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया। साथ ही पांच अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ आंतरिक जांच के आदेश भी दिए गए। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    बजरंग दल का आरोप और पुलिस की प्रतिक्रिया

    शंकर जाधव ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिसकर्मी कार्यकर्ताओं के साथ असभ्य और अपमानजनक व्यवहार कर रहे थे। उनका कहना था कि जब कोई नागरिक शिकायत दर्ज कराने आता है, तो पुलिस का काम उसे सुरक्षित और सम्मानपूर्वक सुनना होना चाहिए। इस मामले में बजरंग दल ने पुलिस उच्चाधिकारियों से शिकायत की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

    मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि किसी भी नागरिक के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने के तुरंत बाद जांच शुरू कर दी गई थी और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

    सामाजिक और राजनीतिक संदर्भ

    यह मामला सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जनता के साथ दुर्व्यवहार किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। मुंबई पुलिस की कार्रवाई ने इस बात का संकेत दिया कि नागरिक शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पुलिस-जनता के बीच विश्वास और सहयोग को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए पुलिस विभाग की त्वरित कार्रवाई और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाना आवश्यक है।

    ओशिवारा पुलिस स्टेशन में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार के मामले में दो अधिकारियों का सस्पेंशन और पांच के खिलाफ जांच आदेश यह दर्शाता है कि मुंबई पुलिस नागरिक शिकायतों को गंभीरता से ले रही है। शंकर जाधव और उनके कार्यकर्ताओं की शिकायत पर यह कदम उठाया गया, ताकि पुलिस और जनता के बीच विश्वास कायम रहे।

    आगे की जांच में यह स्पष्ट होगा कि बाकी पांच अधिकारियों की भूमिका कितनी गंभीर थी और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने यह भी दिखा दिया कि नागरिक अधिकारों और पुलिस की जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाए रखना कितना जरूरी है।

  • Related Posts

    BCCI ने साफ किया रुख, वैभव सूर्यवंशी पर कार्रवाई की खबरों को किया खारिज; श्रीलंका A मैच विवाद पर दिया बड़ा बयान

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। भारत A और श्रीलंका A के बीच खेले गए त्रिकोणीय सीरीज के मुकाबले में युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका…

    Continue reading
    FIFA World Cup 2026: रोनाल्डो पर उठ रहे सवाल, लेकिन विराट कोहली ने 3 साल पहले ही दुनिया को दी थी ये बड़ी चेतावनी

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। FIFA World Cup 2026 में पुर्तगाल के पहले मुकाबले के बाद एक बार फिर क्रिस्टियानो रोनाल्डो आलोचकों के निशाने पर…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *