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भारतीय महिला क्रिकेट ने इतिहास रच दिया है। हरमनप्रीत कौर ने कप्तानी करते हुए भारतीय महिला क्रिकेट टीम को विश्व कप जिताया और इस उपलब्धि के साथ उन्होंने Kapil Dev, MS Dhoni और Rohit Sharma जैसी क्रिकेट महानताओं के साथ भारत के विश्व कप विजेता कप्तानों की विशिष्ट सूची में अपनी जगह बना ली है।
1983 में Kapil Dev ने भारत को पहला क्रिकेट विश्व कप दिलाया था, जबकि MS Dhoni दो बार विश्व कप जीतने वाले अकेले कप्तान हैं। इसके अलावा, Rohit Sharma ने 2024 में भारत को 11 वर्षों के बाद T20 विश्व कप दिलाया। अब हरमनप्रीत कौर ने महिला क्रिकेट में यह मिसाल कायम की है। इससे पहले Mithali Raj दो बार (2005 और 2017) विश्व कप जीत के बेहद करीब पहुंचीं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
2 नवंबर 2025 को टीम इंडिया ने जब विश्व कप जीता, तो हरमनप्रीत और उनकी टीम के लिए यह पल किसी सपने से कम नहीं था। ICC Review Show में हरमनप्रीत ने कहा,
“ईमानदारी से कहूं, अभी मैं इस उपलब्धि को पूरी तरह समझ नहीं पा रही हूं। शायद कुछ महीनों बाद मुझे अहसास होगा कि हमने क्या हासिल किया और देश को क्या दिया। अभी यह सपना लगता है। जीत के दिन जब हम जश्न मना रहे थे, हर कोई जो ट्रॉफी छू रहा था, पूछ रहा था – ‘क्या यह सच में हो रहा है?’ हम इतने सालों से इसे दूर से देखते रहे थे और कभी इसे छूने या फोटो लेने का मौका नहीं मिला। उस रात जो हुआ वह जादुई था।”
हरमनप्रीत ने केवल विश्व कप जीत के साथ ही एक ऐसा पल भी दिया, जो Kapil Dev और MS Dhoni की यादगार क्षणों के बराबर है। 1983 विश्व कप में Kapil Dev का Viv Richards को आउट करने वाला कैच और 2011 विश्व कप में Dhoni का Nuwan Kulasekara पर छक्का भारतीय क्रिकेट प्रेमियों की यादों में अमिट है। इसी तरह, हरमनप्रीत ने नाइट मैच के अंतिम क्षणों में Nadine de Klerk का कैच पकड़ा, जो दक्षिण अफ्रीका का आखिरी विकेट था।
हरमनप्रीत ने उस पल के बारे में बताया,
“जब मैंने कैच पकड़ा, तो मैं बस दौड़ना चाहती थी। मुझे नहीं पता था क्या करूं। अरुंधति रेड्डी आई और कहा ‘Harry di’। मैंने कहा, ‘Aru… हम जीत गए।’ उस पल का एहसास शब्दों में नहीं बता सकती। मैं मैदान में दौड़ते रहना चाहती थी और फैंस को धन्यवाद कहना चाहती थी। यह बहुत ही भावुक पल था।”
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी ने भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊँचाई पर पहुँचाया। यह जीत महिला क्रिकेट के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है और आने वाले युवा क्रिकेटरों के लिए संदेश है कि मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि न केवल महिला क्रिकेट को मजबूती देगी, बल्कि खेलों में महिलाओं की भागीदारी और समर्थन को भी बढ़ावा देगी। हरमनप्रीत ने यह साबित कर दिया कि महिला क्रिकेट में भी भारत की जीत और सम्मान का सपना साकार किया जा सकता है।
हरमनप्रीत कौर की यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए गौरव और देश के लिए गर्व का विषय है। Kapil Dev, MS Dhoni और Rohit Sharma जैसी महान हस्तियों के साथ उनका नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। यह जीत भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए हमेशा यादगार रहेगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।








