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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के स्कूलों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को अनिवार्य करने की घोषणा की है। गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के हर स्कूल में वंदे मातरम् का गायन अनिवार्य होगा। उनका यह कदम शिक्षा और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने के उद्देश्य से बताया जा रहा है।
सीएम योगी ने वंदे मातरम् के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इस गीत का विरोध करने वाले वही लोग हैं जो लौह पुरुष सरदार पटेल की जयंती में शामिल नहीं होते, लेकिन जिन्नाह को सम्मान देने वाले कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वंदे मातरम् का विरोध का कोई औचित्य नहीं है और यह विरोध भारत के विभाजन जैसी घटनाओं का दुर्भाग्यपूर्ण कारण भी बन सकता है।
योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में कहा, “वंदे मातरम् का विरोध करने का इतिहास हमें सिखाता है कि देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम के मूल्यों को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक हो सकता है। इसीलिए हम राज्य के प्रत्येक स्कूल में बच्चों को राष्ट्रगीत के महत्व से अवगत कराएंगे और इसे नियमित रूप से अनिवार्य करेंगे।”
सीएम के इस ऐलान को शिक्षा और राष्ट्रीय चेतना के प्रति गंभीर प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों में देशभक्ति का भाव पैदा करना और उन्हें अपने इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। वंदे मातरम् के नियमित गायन से स्कूलों में सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान को मजबूत किया जा सकेगा।
योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रगीत के विरोध से किसी भी स्थिति में सामाजिक या सांप्रदायिक विवाद को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। उनका कहना था कि “वंदे मातरम् विरोधियों का दृष्टिकोण न केवल असंगत है, बल्कि यह देश के एकता और अखंडता के लिए भी खतरा बन सकता है। इसलिए इसे स्कूलों में बच्चों के माध्यम से समझाना और अपनाना जरूरी है।”
इससे पहले भी यूपी सरकार ने शिक्षा और संस्कृति को जोड़ने वाले कई कदम उठाए हैं। स्कूलों में संस्कृति और राष्ट्रध्वज के महत्व पर बच्चों को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। वंदे मातरम् को अनिवार्य करने का कदम इन्हीं प्रयासों का हिस्सा है और इसे राष्ट्रीय चेतना और शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने वाला निर्णय माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वंदे मातरम् को स्कूलों में अनिवार्य करने का उद्देश्य केवल गीत का गायन कराना नहीं है, बल्कि बच्चों में देशभक्ति, संस्कृति और राष्ट्रीय गौरव का भाव विकसित करना है। मुख्यमंत्री योगी का यह कदम शिक्षा और राष्ट्रप्रेम को जोड़ने के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सीएम योगी के बयान और इस नीति के ऐलान के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है। कई समर्थक इसे देशभक्ति और संस्कार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं, जबकि विरोधियों ने इसे विवादास्पद भी बताया है। बावजूद इसके, सरकार ने इसे लागू करने की दिशा में स्पष्ट रुख अपनाया है।
इस प्रकार, उत्तर प्रदेश के स्कूलों में वंदे मातरम् के अनिवार्य होने के फैसले से न केवल राष्ट्रीय गीत का महत्व बढ़ेगा, बल्कि बच्चों में देशभक्ति और सांस्कृतिक चेतना भी मजबूत होगी। यह कदम राज्य में शिक्षा और राष्ट्रीय गौरव के बीच सीधा संबंध स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।








