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भारत में 6G नेटवर्क की तैयारी जोर-शोर से चल रही है और देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां इसके लिए सरकार से महत्वपूर्ण मांग कर रही हैं। रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया (Vi) ने भारत सरकार से 6 GHz बैंड में पूरा 1200 MHz बैंडविड्थ आवंटित करने की मांग की है। इन कंपनियों का कहना है कि आने वाले 6G नेटवर्क की स्पीड, बेहतर कनेक्टिविटी और भरोसेमंद इंटरनेट सेवाओं के लिए यह बैंड बेहद जरूरी है।
वर्तमान समय में भारत में 5G नेटवर्क तेजी से फैल रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि 6G तकनीक आने वाले समय में मोबाइल इंटरनेट की दुनिया बदल देगी। 6G नेटवर्क अत्यधिक स्पीड, कम विलंबता और बड़ी संख्या में कनेक्शन की सुविधा देगा। जियो, एयरटेल और Vi के अनुसार, 6 GHz बैंड (जो कि 6425 MHz से 7125 MHz तक फैला है) इस नई तकनीक के लिए उपयुक्त और अनिवार्य है।
6 GHz बैंड की पूरी बैंडविड्थ मिलने से 6G नेटवर्क न केवल उच्च गति वाला होगा बल्कि यह भारी ट्रैफिक वाले इलाकों में भी तेज इंटरनेट अनुभव प्रदान करेगा। इसके बिना 6G तकनीक को प्रभावी ढंग से लागू करना कठिन होगा। कंपनियों का मानना है कि यदि यह बैंड पूरा मिल जाता है, तो भारत वैश्विक स्तर पर मोबाइल सेवाओं में अग्रणी बन सकता है।
रिलायंस जियो, एयरटेल और Vi ने सरकार से विशेष रूप से यह आग्रह किया है कि 6 GHz बैंड को केवल लाइसेंस वाली मोबाइल सेवाओं के लिए ही आरक्षित किया जाए। इससे कंपनियों को यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि 6G नेटवर्क की क्षमता और गुणवत्ता पूरी तरह से प्रयोग में लाई जा सके।
कंपनियों के प्रतिनिधियों का कहना है कि 5G से 6G की ओर संक्रमण समय की आवश्यकता है, और इस दौरान उपयुक्त स्पेक्ट्रम का आवंटन अहम भूमिका निभाएगा। अगर यह बैंड उपलब्ध कराया जाता है, तो भारतीय उपभोक्ताओं को भविष्य में तेज़ गति वाले डेटा, स्थिर कनेक्शन और अत्याधुनिक इंटरनेट अनुभव प्राप्त होंगे।
वैश्विक स्तर पर कई देश पहले ही 6G नेटवर्क के परीक्षण में लगे हुए हैं। यूरोप, अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया जैसी देशों की कंपनियां अपने 6G नेटवर्क को लेकर तैयारी कर रही हैं। भारत में जियो, एयरटेल और Vi की यह मांग देश को दुनिया के अग्रणी डिजिटल देशों की सूची में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, 6G तकनीक केवल मोबाइल इंटरनेट स्पीड तक सीमित नहीं होगी। यह इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), स्मार्ट सिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑगमेंटेड रियलिटी जैसे कई क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।
यदि भारत सरकार 6 GHz बैंड का पूरा 1200 MHz स्पेक्ट्रम टेलीकॉम कंपनियों को आवंटित करती है, तो आने वाले वर्षों में भारत में ताबड़तोड़ इंटरनेट स्पीड, स्मूद स्ट्रीमिंग और अत्याधुनिक डिजिटल सेवाएं आम उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही, भारत का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और भी मजबूत होगा और देश वैश्विक टेक्नोलॉजी की दौड़ में आगे रहेगा।
जियो, एयरटेल और Vi की यह मांग यह दर्शाती है कि भारत में 6G तकनीक की तैयारी गंभीर स्तर पर चल रही है। 6 GHz बैंड का आवंटन 6G नेटवर्क के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। यदि सरकार इस पर सकारात्मक निर्णय लेती है, तो भारतीय उपभोक्ताओं को भविष्य में अकल्पनीय इंटरनेट स्पीड और डिजिटल अनुभव मिलने की उम्मीद है।







