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भारत और साउथ अफ्रीका के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 14 नवंबर से कोलकाता के ऐतिहासिक इडेन गार्डंस स्टेडियम में खेला जाएगा। यह सीरीज भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि घरेलू पिच पर खेलने की रणनीति और विदेशी टीमों के खिलाफ स्पिनरों का प्रदर्शन मैच के नतीजे तय कर सकता है।
टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने मंगलवार को पिच का निरीक्षण किया। गांगुली के अनुसार, पिच की स्थिति फिलहाल बहुत बढ़िया दिख रही है। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया ने अभी तक टर्निंग पिच की आधिकारिक मांग CAB से नहीं की है, लेकिन टीम की प्रैक्टिस और तैयारी लगातार जारी है।
भारत में विदेशी टीमों के लिए टर्निंग पिच हमेशा ही चुनौतीपूर्ण रही है। भारतीय स्पिनरों के लिए यह पिच फायदे का सौदा होती है, जबकि विदेशी बल्लेबाजों को इसका सामना करना कठिन हो जाता है। टीम इंडिया के मैनेजमेंट ने आमतौर पर स्टेट एसोसिएशन से यह मांग की है कि मैच का आयोजन ऐसी पिच पर हो, जो स्पिनरों को मदद दे।
इस बार भी साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए भारतीय टीम ने स्पिन-अनुकूल पिच की संभावना पर ध्यान दिया है। हेड कोच गौतम गंभीर ने पिच का निरीक्षण कर इसके उभरते स्पिनरों के लिए रणनीति बनाई है। उनके निर्देशों के अनुसार, बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों का अभ्यास इसी पिच की स्थिति को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
सौरव गांगुली के लिए इडेन गार्डंस उनके करियर का दूसरा घर रहा है। इसलिए उन्होंने पिच के मिजाज को बहुत करीब से समझा है। सोमवार को किए गए निरीक्षण के दौरान गांगुली ने मीडिया को बताया कि पिच की स्थिति बहुत संतुलित और खेल के अनुकूल है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम इंडिया ने आधिकारिक तौर पर टर्निंग पिच की मांग अभी तक CAB से नहीं की है।
गांगुली का कहना था, “जहां तक पिच की बात है, यह बेहद बढ़िया दिख रही है। टीम इंडिया ने अभी तक हमें इसके लिए कुछ नहीं कहा है। हम देखते रहेंगे और मैच से पहले फाइनल पिच की स्थिति तय करेंगे।”
टीम इंडिया मंगलवार को इडेन गार्डंस स्टेडियम पहुंची और वहां विकेट पर ग्रास कटिंग का काम जारी था। यह काम पिच को बेहतर बनाने और खेल के अनुकूल बनाए रखने के लिए किया गया। भारतीय टीम के खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ पिच की स्थिति के अनुसार अभ्यास कर रहे हैं ताकि पहले टेस्ट के लिए हर विभाग पूरी तरह तैयार रहे।
विशेषज्ञ मानते हैं कि भारतीय टीम की यह रणनीति कि पिच स्पिनरों के लिए मददगार हो, साउथ अफ्रीका के बल्लेबाजों पर दबाव बनाएगी। इसके साथ ही, भारतीय बल्लेबाज भी घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाने के लिए अभ्यास कर रहे हैं।
पहले टेस्ट से पहले पिच की तैयारी और निरीक्षण का महत्व बहुत ज्यादा होता है। कोलकाता में खेले जाने वाले मैच में स्पिन और ग्राउंड कंडीशन दोनों ही नतीजे पर असर डाल सकते हैं। टीम इंडिया का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि घरेलू माहौल का फायदा उठाकर सीरीज में मजबूत शुरुआत की जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पिच भारतीय स्पिनरों के अनुकूल रही, तो मैच में आकिब नबी और टीम के युवा स्पिनरों को बढ़त मिलेगी। वहीं, साउथ अफ्रीका के लिए यह चुनौती होगी कि वे शुरुआती दिन पर दबाव में आए बिना खेल को संभालें।
14 नवंबर से शुरू होने वाला पहला टेस्ट भारत और साउथ अफ्रीका के बीच सीरीज का अहम हिस्सा है। टीम इंडिया ने पहले ही पिच पर अभ्यास और निरीक्षण शुरू कर दिया है। गौतम गंभीर और सौरव गांगुली की रणनीति यह सुनिश्चित करने पर केंद्रित है कि पिच भारतीय स्पिनरों के लिए मददगार हो और घरेलू टीम को सीरीज में मजबूत शुरुआत मिले।







