दिल्ली में लाल किले के पास हुए आतंकी हमले के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने आज अपने घर पर एक हाई लेवल मीटिंग की, जो पूरे सवा घंटे तक चली। इस बैठक में आईबी चीफ, एनआईए के डीजी, एनएसजी के डीजी, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और गृह सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य धमाके की जांच को तेज करना और भविष्य में होने वाले किसी भी हमले से निपटने के लिए रणनीति तैयार करना था।
बैठक की शुरुआत सुबह हुई और करीब डेढ़ घंटे तक चली। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने सभी प्रमुख जांच एजेंसियों को संपूर्ण जानकारी और दिशा-निर्देश दिए। बैठक में यह चर्चा भी हुई कि कैसे दिल्ली और देश की राजधानी में सुरक्षा को और मजबूत किया जाए। मीटिंग के दौरान IB, NIA और NSG के प्रमुखों ने अपनी रिपोर्ट और संभावित एक्शन प्लान प्रस्तुत किया।
विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी सुरक्षा बैठक में शामिल होना इस हमले की सटीकता और गंभीरता को दर्शाता है। बैठक में धमाके के तकनीकी, लॉजिस्टिक और फॉरेंसिक पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही आईबी और एनआईए को ऑपरेशन एक्टिवेशन का निर्देश दिया गया ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते निपटारा किया जा सके।
बता दें कि सोमवार शाम लगभग 7 बजे चांदनी चौक इलाके में एक कार के अंदर जोरदार धमाका हुआ था। धमाके के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया और वहां मौजूद घायल और प्रभावित लोगों से बातचीत की। इसके बाद कल तय हुआ कि मंगलवार की सुबह वह सभी सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बैठक करेंगे।
इस धमाके ने दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। सुरक्षा एजेंसियों ने कहा कि यह हमला विशेष रूप से हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाने का प्रयास प्रतीत होता है।
बैठक में एनएसजी के डीजी ने राष्ट्रीय राजधानी में आतंकवाद विरोधी रणनीति पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। वहीं आईबी और एनआईए ने धमाके से जुड़े संभावित सुराग और खुफिया जानकारी साझा की। गृह मंत्री अमित शाह ने इन एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे ऑपरेशन एक्टिवेशन के साथ ही किसी भी तरह की संभावित साजिश पर नजर रखें।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राजधानी के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा को और कड़ा किया जाएगा और सुरक्षाकर्मी और निगरानी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
हाई लेवल मीटिंग में गृह मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि किसी भी हमलावर को बख्शा नहीं जाएगा। सभी सुरक्षा एजेंसियों को फास्ट-ट्रैक जांच और ऑपरेशन तैयार रखने के निर्देश दिए गए। इसमें धमाके में शामिल संदिग्धों की पहचान और उन्हें जल्द गिरफ्तार करना भी शामिल है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमित शाह की यह बैठक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। बैठक में लिया गया निर्णय और कार्य योजना न सिर्फ दिल्ली बल्कि पूरे देश की सुरक्षा रणनीति को भी मजबूत करेगी।
दिल्ली लाल किले के पास हुए धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों और गृह मंत्रालय को सतर्क कर दिया है। अमित शाह के घर हुई हाई लेवल मीटिंग, जिसमें IB, NIA और NSG प्रमुख शामिल थे, यह सुनिश्चित करती है कि सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय और तत्पर हैं।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, यह देखना होगा कि कौन से नए सुराग सामने आते हैं और किस प्रकार गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियां आगामी खतरों से निपटने के लिए कार्रवाई करती हैं। यह बैठक स्पष्ट संकेत देती है कि भारत सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और किसी भी आतंकी खतरे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।








