इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण के मतदान के दौरान मोतिहारी विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने आरोप लगाया कि भाजपा के पोलिंग एजेंटों द्वारा बूथ संख्या 229 और 230 पर मतदाताओं को उम्मीदवारों की तस्वीरें और चुनाव चिह्न वाली पर्चियां दिखाकर बांटी जा रही हैं। इस मामले ने चुनाव आयोग की तुरंत कार्रवाई को मजबूर कर दिया और दो पोलिंग एजेंटों को गिरफ्तार किया गया।
आरजेडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मोतिहारी विधानसभा के इन बूथों में बूथ के अंदर मतदाताओं को जानबूझकर फोटो और चुनाव चिह्न वाली पर्चियां दिखा कर बांटी जा रही हैं। पार्टी का कहना था कि इस तरह की हरकत मतदाता पर गलत प्रभाव डालने का प्रयास है और यह निर्वाचन आचार संहिता का उल्लंघन है।
आरजेडी ने बिहार निर्वाचन आयोग को भी टैग करते हुए तत्काल संज्ञान लेने की अपील की। पार्टी ने कहा कि मोतिहारी के अन्य बूथों से भी ऐसी शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं की संभावना है।
बिहार चुनाव आयोग ने आरजेडी की शिकायत पर तुरंत प्राथमिकी दर्ज करवाई और मामले की जांच शुरू की। आयोग ने कहा कि उल्लंघन की गंभीरता को देखते हुए दो पोलिंग एजेंटों को तुरंत गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए एजेंटों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है और आगे की जांच जारी है।
निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और स्वतंत्र बनाए रखना ही मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा, “किसी भी प्रकार का दबाव या अनुचित प्रभाव डालने का प्रयास चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
मोतिहारी विधानसभा क्षेत्र में मतदान सुबह से ही सुचारू रूप से चल रहा था। मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए बूथों पर पहुंच रहे थे। चुनाव आयोग ने इस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी है ताकि मतदान प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं चुनाव में तनाव और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को और तेज करती हैं। हालांकि, आयोग की सतर्कता और तुरंत गिरफ्तारी ने यह संदेश दिया है कि किसी भी प्रकार का निर्वाचन प्रक्रिया का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आरजेडी ने इस मामले को लेकर कहा कि भाजपा के कुछ एजेंटों की यह हरकत चुनाव में अनुचित लाभ लेने की कोशिश है। वहीं, भाजपा ने मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह राजनीतिक विपक्ष द्वारा फैलाई गई अफवाह हो सकती है और वे चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सियासी तनाव और चुनावी रणनीतियों की ओर ध्यान आकर्षित कर रही है। मोतिहारी के मतदाता इस समय अधिक सतर्क हो गए हैं और चुनाव आयोग के द्वारा की गई कार्रवाई ने उन्हें विश्वास दिलाया है कि उनका मत सुरक्षित है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण में मोतिहारी के बूथों पर हुई यह घटना यह दिखाती है कि चुनाव में अनुशासन और कानून का पालन आवश्यक है। आरजेडी की शिकायत और चुनाव आयोग की त्वरित कार्रवाई ने साफ कर दिया कि किसी भी पार्टी या एजेंट को मतदाताओं पर दबाव बनाने या चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की अनुमति नहीं होगी।







