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नोहर। जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 10 नवंबर 2025, सोमवार को अभिनव एकेडमी में एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। यह सेमिनार जिला परिवहन कार्यालय नोहर और श्रीमती ज्यानी देवी स्मृति संस्थान, जसाना के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों को रोकना और नागरिकों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती गीता चौधरी, रायसिंह जी (जिला परिवहन अधिकारी, नोहर), भूमि विकास बैंक के चेयरमैन राजेंद्र सिहाग, और संस्था प्रधान योगेश धैरड मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में क्षेत्र के स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
सड़क सुरक्षा सेमिनार के दौरान विशेषज्ञ वक्ता सड़क दुर्घटनाओं की प्रमुख वजहों पर प्रकाश डालेंगे और यह समझाने की कोशिश करेंगे कि कैसे थोड़ी सी सावधानी कई जानें बचा सकती है। सेमिनार में ट्रैफिक नियमों का पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, नशे में वाहन न चलाने, मोबाइल फोन से बचाव, और सड़क पर सतर्कता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।
पिछले कुछ वर्षों में नोहर और आसपास के क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी गई है। इन घटनाओं में अधिकांश मामलों में लापरवाही और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी मुख्य कारण रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला परिवहन विभाग ने यह पहल की है, ताकि आम जनता विशेष रूप से युवाओं में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।
संस्था प्रधान योगेश धैरड ने बताया कि इस प्रकार के अभियान सिर्फ जागरूकता तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्कूलों और कॉलेजों में नियमित रूप से ‘रोड सेफ्टी एजुकेशन प्रोग्राम’ भी चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि “हमारा उद्देश्य है कि हर बच्चा सड़क सुरक्षा का संदेश अपने परिवार तक लेकर जाए और समाज में सकारात्मक बदलाव लाए।”
कार्यक्रम में छात्रों को सड़क सुरक्षा के नियमों पर आधारित प्रस्तुतियां, पोस्टर प्रदर्शनी और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी। विजेताओं को प्रमाणपत्र और सम्मानित किया जाएगा, ताकि वे भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित हों।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती गीता चौधरी ने बताया कि पुलिस विभाग ने भी सड़क सुरक्षा के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि “ट्रैफिक नियमों का पालन सिर्फ जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। हर नागरिक को यह समझना होगा कि सड़क पर उसकी जिम्मेदारी क्या है।”
सेमिनार में यह भी बताया जाएगा कि नशे में ड्राइविंग, तेज रफ्तार और मोबाइल फोन का इस्तेमाल किस तरह सड़क पर मौत का कारण बन रहे हैं। परिवहन विभाग की टीम लोगों को हेलमेट और सीट बेल्ट के सही उपयोग की जानकारी देगी और सड़क सुरक्षा से संबंधित पंपलेट भी वितरित करेगी।
नोहर में यह अभियान लंबे समय तक चलने वाला है, जिसके तहत आने वाले महीनों में ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि इस पहल से क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में उल्लेखनीय कमी आएगी।
सड़क सुरक्षा अभियान के तहत चल रहे इस प्रयास से नोहर जिला राजस्थान के उन कुछ इलाकों में शामिल हो गया है, जो सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में समुदाय आधारित पहल को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहे हैं। यह पहल न सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर बल्कि सामाजिक भागीदारी के माध्यम से भी एक मजबूत उदाहरण पेश कर रही है।








