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सऊदी अरब में एक दर्दनाक ट्रैजिक खबर सामने आई है, जहां मक्का से मदीना की ओर जा रही एक बस भारतीय उमरा तीर्थयात्रियों को लेकर डीजल टैंकर से टकरा गई। इस भीषण टक्कर के बाद बस में आग लग गई, और शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक 40 से अधिक भारतीयों के मारे जाने की आशंका है, जिनमें अधिकांश हैदराबाद के तीर्थयात्री बताए जा रहे हैं।

घटना स्थानीय समयानुसार रात करीब 1:30 बजे हुई। उस वक्त यात्रियों का अधिकांश हिस्सा सो रहा था, जिससे भागने का समय मिलना बहुत मुश्किल था। टक्कर के बाद वहां भयंकर आग भड़की, और बचाव करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया क्योंकि बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई थी।
घटनास्थल पर सऊदी नागरिक रक्षा बल और पुलिस तुरंत पहुंच गए। भारतीय अधिकारी, उमरा एजेंसियों के प्रतिनिधि भी मौके पर थे, और वे प्रभावित यात्रियों के परिवारों को जानकारी देने और राहत कार्यों का समन्वय करने में जुटे हैं। तेलंगाना की सरकार ने भी कदम उठाया है: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और डीजीपी को मृतकों की पहचान और राहत उपायों की रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया है।
ओवैसी ने इस हादसे को बहुत संवेदनशील रूप से लिया है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने रियाद में भारतीय दूतावास से संपर्क किया है और प्रभावित यात्रियों की जानकारी जुटाने की मांग की है। उन्होंने केंद्र सरकार और विदेश मंत्री से अनुरोध किया है कि मृतकों को भारत वापस लाया जाए और घायल हुए यात्रियों को इलाज मुहैया कराया जाए।
भारतीय दूतावास, जेद्दा कार्यालय ने भी तुरंत 24×7 हेल्पलाइन खोल दी है, ताकि इस हादसे के शिकार यात्रियों के परिवारों को सूचना और सहायता दी जा सके।
यह हादसा न सिर्फ धार्मिक यात्रा करने वालों के लिए बेहद दुखद है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि तीर्थयात्रा के दौरान विदेशी सड़कों पर यात्रियों की सुरक्षा कितनी सुनिश्चित है। यात्रा शुरू में आध्यात्मिक महत्व रखती है, लेकिन ऐसे हादसे उसे दर्दनाक मोड़ पर बदल देते हैं। परिवारों में चिंता का माहौल गहराया है, और राहत-कार्य अभी भी जारी है क्योंकि ओर भी अपडेट्स आने की संभावना है।








