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  • गुवाहाटी टेस्ट की ‘पहेली’: भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका दूसरे टेस्ट से पहले पिच की पहली विस्तृत रिपोर्ट

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    गुवाहाटी का बरसापारा स्टेडियम 23 नवंबर से भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच अपना पहला टेस्ट मैच आयोजित करने जा रहा है। यह स्टेडियम अब तक सफेद गेंद वाले मुकाबलों का गवाह रहा है, लेकिन पहली बार यह पाँच दिवसीय क्रिकेट का असली इम्तिहान देगा। हालांकि इसे टेस्ट क्रिकेट के लिए नया माना जा सकता है, लेकिन पिछले पाँच वर्षों में यहां खेले गए वनडे और टी20 मैच इसकी प्रकृति को काफी अच्छी तरह उजागर करते हैं।

    बरसापारा हमेशा से एक हाई-स्कोरिंग, तेज़ आउटफील्ड वाला मैदान रहा है, लेकिन कई बार यहां गेंद अचानक रुकने लगती है या स्पिनरों के लिए ‘ग्रिप’ बन जाती है, जिससे बड़े से बड़ा बल्लेबाज़ भी नाकाम हो जाता है। इसलिए नया टेस्ट भले हो, लेकिन यह विकेट अपने आप में एक अनुभव लेकर आता है—यही अनुभव भारत और दक्षिण अफ्रीका की रणनीतियों को प्रभावित करेगा।

    बरसापारा में अब तक कुल 8 वनडे खेले गए हैं, जिनमें टीमों ने बराबर-बराबर जीत हासिल की है—4 जीत पहले बल्लेबाज़ी करने वाली टीमों की और 4 जीत लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों की।

    • औसत पहली पारी स्कोर: 225 रन

    • औसत दूसरी पारी स्कोर: 183 रन

    • सबसे बड़ा स्कोर: 373/7, भारत बनाम श्रीलंका

    • सबसे कम स्कोर: 50 ऑल आउट, इंग्लैंड महिला टीम

    यह आँकड़े संकेत देते हैं कि जब पिच पूरी तरह सच्ची रहती है, तो यहां बड़े स्कोर बनते हैं। इसी मैदान ने भारत को 326 रन आसानी से चेस करते हुए भी देखा है। लेकिन दूसरी तरफ, जब गेंद पकड़ बनाने लगती है, तो हालत इंग्लैंड महिला टीम की तरह भी हो सकती है—केवल 50 रन!

    यहां से साफ संकेत मिलता है कि पिच की प्रकृति बहुत तेजी से बदल सकती है।

    बरसापारा में अब तक 7 टी20आई खेले गए हैं।

    • औसत पहली पारी स्कोर: 161 रन

    • औसत दूसरी पारी: 153 रन

    सबसे बड़ा हाईलाइट: भारत 237/3 बनाम दक्षिण अफ्रीका (2022) और जवाब में दक्षिण अफ्रीका 221/3
    यह उन रातों में से एक थी जब दोनों टीमों के बल्लेबाज़ी क्रम ने लगभग हर गेंद को बाउंड्री में बदला।

    लेकिन इसी मैदान पर भारत का 118 ऑल आउट भी दर्ज है—जो बताता है कि पिच पर ग्रिप आते ही यह बल्लेबाज़ों के लिए ‘खतरनाक’ बन जाती है।

    कोलकाता टेस्ट की तीन दिन में समाप्त होने वाली पिच को लेकर हुई आलोचना के बाद BCCI इस पिच के चयन को लेकर बेहद सतर्क है। गुवाहाटी की मिट्टी लाल और थोड़ा रगड़ी किस्म की है। ऐसे में पिच से उम्मीद है:

    • पहले दो दिन उछाल और गति

    • तीसरे दिन से शुरू हो सकता है टर्न

    • चौथे और पाँचवें दिन स्पिनरों का वर्चस्व सुनिश्चित

    क्यूरेटर के अनुसार,

    “पिच में टेस्ट क्रिकेट के अनुकूल उछाल होगा और बाद में यह टर्न देगा। यह टूटेगी नहीं, बल्कि धीरे-धीरे बदलेगी।”

    पिच की प्रकृति 5 दिनों में तीन स्पष्ट चरणों से गुज़र सकती है:

    • गेंद अच्छी तरह कैरी करेगी

    • उछाल सच्चा होगा

    • बल्लेबाज़ों को शॉट लगाने का पूरा मौका

    • लेकिन ‘टेस्ट लेंथ’ पर गेंदबाज़ों के लिए लगातार खतरा

    यह चरण दोनों टीमों के पेसर्स को बराबरी का मौका देगा।

    यहाँ पिच की असली पहचान सामने आएगी।

    • स्पिनर्स को अच्छी ग्रिप मिलेगी

    • गेंद रुककर खेलने लगेगी

    • रिवर्स स्विंग का भी रोल बढ़ेगा

    यही वह समय है जब बरसापारा ने अपने “50 ऑल आउट” और “118 ऑल आउट” वाले रूप दिखाए हैं।

    मैच पाँचवें दिन तक जाता है तो बल्लेबाज़ी मुश्किल होगी।

    • गेंद नीची रहती जाएगी

    • टर्न बढ़ेगा

    • बल्लेबाज़ों को क्रीज़ में खेलना होगा

    भारत को पहले टेस्ट में मिली हार ने सीरीज़ में बैकफुट पर ला दिया है। इसलिए भारत चाहेगा:

    • पहले दो दिन कम से कम 300+ रन

    • स्पिनर्स के लिए परिस्थितियाँ बनने से पहले बढ़त

    • गेंदबाज़ों को लंबे स्पेल के लिए उपयोग

    अगर भारत शुरुआती सत्र में विकेट नहीं गंवाता, तो यह पिच काम आसान कर सकती है। लेकिन ढिलाई बरतने पर दक्षिण अफ्रीका वापसी कर सकता है।

    • रबाडा, एनगिदी और स्ट्यूरमैन पिच की उछाल को भुनाने की कोशिश करेंगे

    • मध्य overs में केशव महाराज और पार्ट-टाइम स्पिन से दबाव

    • पहले टेस्ट की जीत के आत्मविश्वास के साथ SA आक्रामक रणनीति अपनाएगा

    नहीं।
    बरसापारा में मैच पिच की ईमानदारी पर ज्यादा निर्भर है न कि टॉस पर।
    जो टीम पिच के बदलते व्यवहार को समझेगी, वही विजेता बनेगी।

    बरसापारा टेस्ट क्रिकेट की दृष्टि से एक नया अनुभव होगा, लेकिन पिछले सीमित ओवरों के आँकड़े यह साफ तौर पर बताते हैं कि यह पिच ‘सीधी-सादी’ नहीं है। यह मैच एक ऐसी सतह पर खेला जाएगा जो शुरुआत में निष्पक्ष है, लेकिन बाद में किसी भी टीम के छोटे से भ्रम को दंडित कर सकती है।

    भारत को सीरीज़ बचानी है, जबकि दक्षिण अफ्रीका ऐतिहासिक टेस्ट जीत की तलाश में है—और इस दिलचस्प मुकाबले की धुरी होगी गुवाहाटी की रहस्यमयी पिच

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