• Create News
  • ▶ Play Radio
  • फतेहपुर में होमवर्क न पूरा करने पर छात्रा की बेरहमी से पिटाई, अस्पताल में भर्ती, डॉक्टर ने किया ऑपरेशन का सुझाव

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। करमचंद्रपुर गांव की रहने वाली कक्षा 8 की छात्रा को उसके स्कूल में ही शिक्षक ने होमवर्क पूरा न करने के कारण बेरहमी से पीटा। घटना के अनुसार, शिक्षक ने पानी की टंकी के नल में लगे प्लास्टिक पाइप का उपयोग कर छात्रा की करीब 30 बार पिटाई की। इस अत्यधिक पिटाई के कारण छात्रा के दाहिने हाथ में गंभीर सूजन आ गई।

    छात्रा की मां, सोनी, ने बुधवार को थरियांव थाना में तहरीर दी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी नौशीन केंद्रीय विद्यालय जूनियर हाईस्कूल भिटौरा में पढ़ती है। सोमवार को जब छात्रा स्कूल गई थी, तो शिक्षक होमवर्क चेक कर रहे थे। बेटी का होमवर्क पूरा नहीं होने पर शिक्षक गुस्से में आ गए और पानी की टंकी के पाइप से छात्रा को मारने लगे।

    अलोपकारी रूप से शिक्षक ने छात्रा के हाथ की गदेली पर ताबड़तोड़ करीब 30 बार पाइप से हमला किया। इतना अधिक मारने से छात्रा के हाथ में गंभीर सूजन हो गई और वह रोते हुए घर पहुंची। छात्रा की मां ने स्कूल जाकर शिक्षक से पिटाई के बारे में सवाल किया, लेकिन आरोप है कि इस दौरान शिक्षक ने अभद्रता की और महिला को विद्यालय से भगा दिया।

    छात्रा की गंभीर चोट के कारण उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने छात्रा के हाथ की चोट की गंभीरता को देखते हुए ऑपरेशन की सलाह दी है। अब छात्रा की सेहत पर निगरानी रखी जा रही है और डॉक्टरों द्वारा उचित उपचार किया जा रहा है।

    इस मामले में पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन और स्कूल प्रबंधन को इस घटना की गंभीरता का आभास कराया गया है। शिक्षा विशेषज्ञों और बाल सुरक्षा अधिकारियों ने इसे स्कूल में अनुचित शारीरिक दंड का गंभीर उदाहरण बताया है और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल छात्रा की शारीरिक और मानसिक सेहत पर असर डालती हैं, बल्कि समाज में शिक्षा प्रणाली और शिक्षक-छात्र संबंधों पर भी प्रश्न उठाती हैं। बच्चों को शिक्षा देने के लिए उन्हें सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण प्रदान करना प्रत्येक शिक्षक और विद्यालय की जिम्मेदारी है।

    फतेहपुर की यह घटना एक चेतावनी की तरह है कि स्कूलों में बच्चों के प्रति हिंसा को कभी भी सामान्य नहीं माना जाना चाहिए। प्रशासन, शिक्षक और अभिभावक मिलकर ही ऐसी घटनाओं को रोकने में सक्षम हैं। इस घटना ने यह भी उजागर किया है कि शिक्षा के नाम पर शारीरिक दंड बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है और इससे बच्चों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।

  • Related Posts

    राजस्थान जालोर के छोटे से गांव से राष्ट्रीय तकनीकी ब्रांड तक का सफर, भंवर सुथार ने आस्थासॉफ्ट टेक्नोलॉजीज़ के माध्यम से रचा सफलता का नया इतिहास

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। भारत के तेजी से विकसित हो रहे सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और वित्तीय प्रौद्योगिकी (FinTech) क्षेत्र में आस्थासॉफ्ट टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड…

    Continue reading
    शरद पवार और सुप्रिया सुले ने की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात, एनडीए में समर्थन की चर्चाओं के बीच सियासी हलचल तेज

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *