नेपाल के बर्रा जिले के सिमरा क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन भी तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। Gen Z नाम से पहचाने जाने वाले युवा समूह और नेपाल की प्रमुख राजनीतिक पार्टी CPN–UML के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़पें अब बड़े संघर्ष का रूप ले चुकी हैं। स्थिति गंभीर होती देख स्थानीय प्रशासन ने सिमरा एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया है। यह हिंसा उस वक्त भड़की जब युवा प्रदर्शनकारी और UML कार्यकर्ता एक ही स्थान पर आमने-सामने आ गए, जिसके बाद विवाद सड़कों तक फैल गया।
झड़पों की शुरुआत उस स्थान से हुई, जहां UML की युवा सभा आयोजित होने वाली थी। इसी दौरान खबर आई कि UML नेता महेश बास्नेत और शंकर पोखरेल सिमरा पहुंचने वाले हैं। जैसे ही यह जानकारी युवाओं तक पहुंची, बड़ी संख्या में Gen Z समर्थक सिमरा चौक पर इकट्ठा हो गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन अचानक UML कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में जमकर पत्थरबाजी और धक्का-मुक्की हुई।
पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन झड़पें सिमरा एयरपोर्ट के मुख्य गेट तक पहुंच गईं। भीड़ द्वारा गेट पर पत्थर और अन्य सामग्री फेंकी गई, जिससे एयरपोर्ट के संचालन प्रभावित हुए। हालात बिगड़ते देख जिला प्रशासन को कर्फ्यू लागू करने का कठोर निर्णय लेना पड़ा। प्रशासन ने घोषणा की कि दोपहर 12:30 बजे से लेकर शाम 8 बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा और इसके तहत 500 मीटर के दायरे में सभी तरह की गतिविधियों पर रोक रहेगी।
हालांकि कर्फ्यू लागू होने के बावजूद Gen Z का गुस्सा शांत नहीं हुआ। कई युवा फिर से सिमरा चौक पर लौट आए और टायर जलाकर विरोध जारी रखा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस UML कार्यकर्ताओं के पक्ष में काम कर रही है और उस घटना की जांच नहीं कर रही जिसमें उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया था। उनके मुताबिक कुछ UML समर्थकों के खिलाफ पहले भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
दूसरी ओर पुलिस ने बताया कि उन्होंने मामले में दो वार्ड चेयरों—वार्ड 2 के धन बहादुर श्रेष्ठ और वार्ड 6 के कैमुदिन अंसारी—को हिरासत में लिया है। हालांकि Gen Z प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अभी भी कई नाम ऐसे हैं जिनके खिलाफ कार्रवाई बाकी है।
हिंसा के बीच सबसे ज्यादा नुकसान सिमरा एयरपोर्ट और आसपास की संरचनाओं को हुआ है। एयरपोर्ट गेट को प्रदर्शनकारियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे यात्रियों और उड़ानों को अस्थायी रूप से प्रभावित होना पड़ा। सुरक्षा बलों ने एयरपोर्ट क्षेत्र में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे।
नेपाल के भीतर Gen Z आंदोलन पिछले कुछ महीनों में काफी मजबूत हुआ है। यह युवा समूह राजनीतिक भ्रष्टाचार, सामाजिक असमानता और पुराने नेताओं की नीतियों के खिलाफ आवाज उठा रहा है। सिमरा में हुई यह झड़प इस बात का संकेत है कि नेपाल का युवा वर्ग मुख्यधारा की राजनीति से गहरा असंतोष महसूस कर रहा है और वह बदलाव की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर है।
जिला प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है और शांति बहाल करना उनकी प्राथमिकता है। मुख्य जिला अधिकारी ने स्पष्ट किया कि Gen Z युवाओं द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी, लेकिन इस समय कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाना जरूरी है।
सिमरा में भड़की यह हिंसा नेपाल की युवा राजनीति को एक नए मोड़ पर ले आई है। यह सवाल उठने लगा है कि क्या नेपाल का भविष्य अब इन्हीं सड़क प्रदर्शन और पुराने राजनीतिक ढांचों से लड़ाई के बीच तय होगा। सिमरा की घटनाओं ने पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया है।








