इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को बड़ी राहत देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर से 21वीं किस्त का हस्तांतरण किया। इस ऐतिहासिक मौके पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम से देशभर के करोड़ों किसान वर्चुअल रूप से जुड़े। राजस्थान में दुर्गापुरा स्थित राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान सभागार में भी राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जहां वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को लाइव सुना।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में लागू की गई सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है। इस योजना के तहत देशभर के पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित किए जाते हैं। प्रधानमंत्री द्वारा जारी 21वीं किस्त के साथ ही एक बार फिर करोड़ों किसानों को राहत पहुंची है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि कृषि क्षेत्र देश की रीढ़ है और किसानों के विकास के बिना देश की प्रगति अधूरी है। उन्होंने बताया कि 21वीं किस्त के माध्यम से देश के 9 करोड़ से अधिक किसानों को 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी गई है। यह राशि किसी मध्यस्थ के बिना सीधे किसानों के पास पहुंची है, जो सरकार की पारदर्शिता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
राजस्थान के किसानों के लिए यह दिवस विशेष रहा। राज्य के 66 लाख 62 हजार किसान भाई-बहनों को कुल 1,332 करोड़ रुपये की राशि इस किस्त के तहत मिली, जो सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर हुई। राज्यस्तरीय कार्यक्रम में शामिल हुए अधिकारियों ने बताया कि यह राशि ना केवल किसानों के वर्तमान कृषि कार्य में सहायता देगी, बल्कि रबी सीजन की तैयारियों में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
राजस्थान के प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार बन चुकी है। खेती की लागत बढ़ने, मौसम की अनिश्चितता और बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच इस योजना से किसानों को आर्थिक सुरक्षा का बड़ा सहारा मिलता है। किसानों ने भी प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना खेती से जुड़े बोझ को कम करते हुए उत्पादन बढ़ाने में मददगार साबित हो रही है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण, तकनीक के विस्तार और ग्रामीण विकास के लिए कई नई योजनाओं को लागू कर रही है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसानों की समृद्धि ही “डबल इंजन सरकार” की सर्वोच्च प्राथमिकता है। केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयास से कृषि क्षेत्र में तेजी से बदलाव दिख रहे हैं और आने वाले समय में यह परिवर्तन और व्यापक होगा।
कोयंबटूर में आयोजित कार्यक्रम का दृश्य उत्साहजनक रहा। हजारों किसान, युवा किसान उद्यमी, कृषि वैज्ञानिक और जनप्रतिनिधि प्रधानमंत्री की बात सुनने के लिए एकत्रित हुए। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के दौरान किसानों की मेहनत, देशप्रेम और धरती मां के प्रति उनके समर्पण का विशेष उल्लेख किया।
जैसे ही प्रधानमंत्री ने बटन दबाकर राशि हस्तांतरित की, देशभर से किसानों ने खुशी व्यक्त की। सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर भी किसानों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई, जहां उन्होंने पीएम किसान योजना को “जीवन रक्षक योजना” बताया।
राजस्थान से जुड़े कार्यक्रम में भी इस अवसर को उत्सव की तरह मनाया गया। अधिकारी, किसान प्रतिनिधि और कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि योजना की 21वीं किस्त से किसानों के बीच विश्वास और बढ़ेगा, जिससे कृषि उत्पादन और ग्रामीण समृद्धि को नई दिशा मिलेगी।
देशभर में किसानों के खाते में राशि पहुंचने के बाद इस योजना की पारदर्शिता और सफलता के एक और अध्याय को जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री के शब्दों में—“किसान खुशहाल होगा, तभी भारत खुशहाल होगा।”












