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राजेश चौधरी | जयपुर | समाचार वाणी न्यूज़
जयपुर के सांगानेर कैंप कार्यालय में रविवार को एक विशेष माहौल देखने को मिला, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 128वें संस्करण को वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों के साथ सुना। कार्यक्रम के दौरान प्रेरणादायक विचारों और राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर प्रधानमंत्री द्वारा किए गए सार्थक संवाद ने सभी को ऊर्जा और सकारात्मकता से भर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में इस बार देश के विकास, स्थानीय उत्पादों के उत्थान, प्राकृतिक खेती, शीतकालीन पर्यटन और खेल जगत में नई उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम पूरा होने के बाद कहा कि प्रधानमंत्री के संदेशों में राष्ट्रनिर्माण की दिशा में गहरी दृष्टि और जनभागीदारी की मजबूत अपील शामिल रहती है, जिससे देश के हर नागरिक को प्रेरणा मिलती है।
‘मन की बात’ के इस संस्करण में प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से Vocal for Local अभियान को पुनः जोर देते हुए एक गर्वपूर्ण उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि G20 शिखर सम्मेलन के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री को जो स्मृति-चिह्न भेंट किया गया था, वह उदयपुर के कुशल कारीगरों द्वारा निर्मित चाँदी के अश्व की प्रतिकृति थी। यह न सिर्फ राजस्थान की पारंपरिक कला की श्रेष्ठता का प्रतीक है, बल्कि वैश्विक मंच पर स्थानीय हस्तशिल्प की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रमाण भी है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस उल्लेख को राजस्थान के लिए गौरव की बात बताया और कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के प्रयासों ने देश के लघु उद्योगों, कारीगरों और हस्तशिल्पकारों को नई पहचान दी है।
प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक खेती को भारत की कृषि अर्थव्यवस्था का भविष्य बताते हुए किसानों को रसायन-मुक्त खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि Natural Farming न केवल भूमि की उर्वरता बढ़ाती है, बल्कि देश को स्वास्थ्य की दृष्टि से भी मजबूत बनाती है।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान सरकार भी प्राकृतिक खेती को प्राथमिकता दे रही है और किसानों को इस दिशा में प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर योजनाएं कार्यान्वित कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘विंटर टूरिज्म’ को लेकर भी सकारात्मक दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने कहा कि भारत के विभिन्न राज्य—कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर और हिमालय के पर्वतीय क्षेत्र सर्दियों में पर्यटन के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। यह न केवल रोजगार बढ़ा रहा है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को भी मजबूती दे रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान भी सर्दियों में देश-विदेश से लाखों पर्यटकों का पसंदीदा गंतव्य है। इसकी समृद्ध संस्कृति, विरासत और गर्मजोशी भरी मेहमाननवाज़ी इसे विशिष्ठ बनाती हैं।
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में देश के खिलाड़ी युवाओं की उपलब्धियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आज भारत खेलों में नई पहचान बना रहा है। युवाओं में बढ़ती फिटनेस और खेल संस्कृति राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
सांगानेर में उपस्थित युवाओं और कार्यकर्ताओं ने इस संदेश को उत्साह से सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है और राजस्थान में खेल आधारभूत संरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यकर्ताओं और नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों को जोड़ने वाला जनसंवाद है। प्रधानमंत्री का हर शब्द प्रेरणा देता है और राष्ट्र की प्रगति में जनसहभागिता सुनिश्चित करता है।
उन्होंने कहा—
“आइए, स्थानीय उत्पादों का उपयोग बढ़ाकर, अपने कारीगरों और उद्यमियों को समर्थन देकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँ।”







