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राजेश चौधरी | पंजाब | समाचार वाणी न्यूज़
पंजाब राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन श्री चंदन ग्रेवाल ने शुक्रवार को जिला एडमिनिस्ट्रेटिव कॉम्प्लेक्स, श्री मुक्तसर साहिब में सफाई कर्मचारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य विभिन्न विभागों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को सीधे सुनना और उनके समाधान के लिए त्वरित कदम उठाना था।
मीटिंग में सफाई सेवक यूनियन के प्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने विस्तृत रूप से मुद्दे रखे। चेयरमैन ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
सफाई कर्मचारियों ने बताया कि उनका EPF (Employees Provident Fund) फंड काफी समय पहले चंडीगढ़ भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। फंड क्लियर न होने के कारण कई कर्मचारियों को वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों की बात सुनने के बाद चेयरमैन चंदन ग्रेवाल ने मौके पर ही सफाई सेवक यूनियन के प्रेसिडेंट से फोन पर बात कर EPF फंड को तुरंत क्लियर करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा।
पेंशन से जुड़े मामलों में भी कर्मचारियों ने कहा कि जरूरी प्रक्रियाएँ लंबित पड़ी हैं, जिसका शीघ्र समाधान आवश्यक है।
मीटिंग में बड़ी संख्या में उपस्थित कच्चे (अस्थायी) कर्मचारियों ने बताया कि वे वर्षों से लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है।
इस मुद्दे पर चेयरमैन ने कहा कि—
“जो कर्मचारी मौजूदा पॉलिसी के तहत काम कर रहे हैं, उन्हें उसी पॉलिसी के अनुसार सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए। सरकार की मंजूरी के बिना किसी नई पॉलिसी को लागू नहीं किया जा सकता।”
उन्होंने आश्वासन दिया कि कच्चे कर्मचारियों के रेगुलराइजेशन से जुड़े मामलों पर आयोग लगातार सरकार से संवाद कर रहा है।
कर्मचारियों ने बताया कि कई स्थानों पर सीवर मेनहोल की मेंटेनेंस के लिए उचित उपकरण उपलब्ध नहीं हैं, जिससे सफाई कार्य में जान जोखिम की स्थिति पैदा होती है।
इसके अलावा कचरा गाड़ियों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और ड्राइवरों की कमी भी एक बड़ी समस्या के रूप में सामने आई।
चेयरमैन ने अधिकारियों से कहा कि—
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जिन क्षेत्रों में मशीनरी की कमी है, वहाँ तत्काल रिपोर्ट बनाकर भेजी जाए।
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संसाधनों की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाए।
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सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा से किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि सीवर में बिना सुरक्षा उपकरणों के उतरने पर पूर्ण रोक है और किसी भी उल्लंघन पर विभागीय कार्यवाही होगी।
कर्मचारियों ने बताया कि सेवा के दौरान हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों को दी जाने वाली सरकारी आर्थिक सहायता (ग्रांट) कई मामलों में अभी तक लंबित है।
चेयरमैन ने इस मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए कहा कि—
“मृतक कर्मचारियों के परिवारों के साथ अन्याय किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं होगा। सभी लंबित मामलों को तत्काल सूचीबद्ध कर संबंधित विभाग को भेजा जाए।”
मीटिंग में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
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SDM श्रीमती बलजीत कौर
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टास्क ऑफिसर वरुण कुमार सहोता
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सेनेटरी इंस्पेक्टर परमजीत सिंह
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अशोक महिंद्रा
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सफाई सेवक यूनियन के कई प्रतिनिधि
सभी अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि चेयरमैन द्वारा दिए गए निर्देशों को प्राथमिकता पर लागू किया जाएगा।
मीटिंग के अंत में चेयरमैन चंदन ग्रेवाल ने कहा कि सफाई कर्मचारी समाज की रीढ़ हैं और उनके अधिकारों, सुरक्षा और सुविधाओं की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा—
“किसी भी हालत में कर्मचारियों का शोषण स्वीकार नहीं किया जाएगा। आपकी समस्याएँ मेरी समस्याएँ हैं, और उनके समाधान के लिए आयोग हमेशा आपके साथ है।”







