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3 दिसंबर 2025 को भारत में सोना और चांदी के दामों में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों में जहां कीमती धातुओं में लगातार तेजी देखने को मिल रही थी, वहीं आज बाजार खुलते ही सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट और चांदी में मामूली कमी देखने को मिली। bullion मार्केट से मिली जानकारी के अनुसार, आज सोने के भाव में ₹600 से अधिक की कमी और चांदी में ₹100 की गिरावट रिकॉर्ड की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट एक करेक्शन फेज का हिस्सा है, क्योंकि हाल के महीनों में सोने और चांदी दोनों में भारी तेजी देखी गई थी। उनका कहना है कि आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग बढ़ने, भू-राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव और आर्थिक उतार-चढ़ाव के कारण कीमती धातुओं के दामों में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिल सकता है।
आज के ताज़ा रेट्स की बात करें तो 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,29,860 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई, जबकि कल यह भाव ₹1,30,490 प्रति 10 ग्राम था। इसी तरह 22 कैरेट सोने का भाव घटकर ₹1,19,040 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जो एक दिन पहले ₹1,19,610 था। 18 कैरेट गोल्ड भी गिरावट के साथ ₹97,400 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है।
वहीं चांदी के बाजार में आज की गिरावट पहले दिनों की तेजी की तुलना में कम रही। हाल ही में चांदी की कीमतें लगातार बढ़ रही थीं, लेकिन आज भारत में चांदी का भाव ₹1,87,900 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में आज चांदी का रेट ₹1,87,900 प्रति किलोग्राम रहा, जबकि चेन्नई, हैदराबाद और केरल में चांदी की कीमत ₹1,95,900 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने-चांदी की यह गिरावट अस्थायी है। उनका मानना है कि आने वाले साल 2026 में सोने और चांदी की कीमतें नई ऊंचाइयां छू सकती हैं। कुछ विश्लेषकों का तो यह भी कहना है कि अगर वैश्विक आर्थिक हालात तनावपूर्ण रहे, तो सोना एक सुरक्षित निवेश के रूप में फिर से तेजी पकड़ लेगा।
हालांकि आम उपभोक्ताओं और निवेशकों के लिए यह गिरावट अल्पावधि में राहत लेकर आई है। शादियों के सीजन में जहां सोने की बढ़ती कीमतें लोगों को परेशान कर रही थीं, वहीं इस गिरावट से ग्राहकों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों ने साफ किया है कि यदि यह डाउनवर्ड ट्रेंड कुछ और दिनों तक बना रहता है, तो सोना खरीदने वालों के लिए यह एक बेहतर मौका साबित हो सकता है।
संपूर्ण रूप से देखा जाए तो 3 दिसंबर 2025 की यह गिरावट एक अस्थायी सुधार मानी जा रही है, जबकि दीर्घकालिक निवेशकों के लिए आने वाला समय सोना-चांदी बाजार में नई संभावनाएं लेकर आ सकता है।







