नमस्कार किसान भाइयों और बहनों,
आज हम आपके लिए एक ऐसी प्रेरणादायी कहानी लेकर आए हैं, जो यह साबित करती है कि अगर मन में मजबूत इरादा, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास हो, तो कोई भी मुश्किल राह आसान बन सकती है। यह कहानी है शौर्य डेयरी फार्म की संचालिका सौ. शिवानी सचिन बढ़े की, जिन्होंने एक महिला होने के बावजूद दुग्ध व्यवसाय में अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बनाई है।
सौ. शिवानी बढ़े बताती हैं कि उन्होंने शौर्य डेयरी फार्म की शुरुआत किसी बड़े मुनाफे के उद्देश्य से नहीं की थी। उनका सपना था कि उनके छोटे बेटे को शुद्ध, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाला दूध मिले। इसी सोच से उन्होंने डेयरी व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया।
शिवानी कहती हैं,
“मेरे मन में हमेशा यह इच्छा थी कि मैं खुद का कोई व्यवसाय शुरू करूं। खेती के साथ एक ऐसा काम हो, जिससे परिवार को स्थायी आय मिले। इसी कारण मैंने दुग्ध व्यवसाय को जोड़धंधे के रूप में अपनाया।”
दिनांक 27 मार्च 2023 को शौर्य डेयरी फार्म की औपचारिक शुरुआत हुई। इसी दिन उन्होंने फार्म की पहली ‘लक्ष्मी’ यानी पहली भैंस खरीदी। लेकिन इस क्षेत्र में अनुभव की कमी के कारण शुरुआती सफर आसान नहीं रहा।
पहली खरीदी गई भैंस की बीमारी के कारण मृत्यु हो गई। यह घटना शिवानी के लिए बेहद दुखद और निराशाजनक थी। उस समय उनके मन में कई सवाल उठे—
क्या मैंने गलत रास्ता चुन लिया है?
क्या मैं यह व्यवसाय संभाल पाऊंगी?
क्या आगे भी ऐसे नुकसान झेलने पड़ेंगे?
इस कठिन समय में उनके सास-ससुर ने उन्हें मानसिक और भावनात्मक रूप से पूरा सहयोग दिया। उन्होंने शिवानी का हौसला बढ़ाया और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
शिवानी कहती हैं,
“अगर उस समय परिवार का साथ नहीं मिलता, तो शायद मैं हार मान लेती। लेकिन उन्होंने मुझ पर भरोसा किया और उसी भरोसे ने मुझे आगे बढ़ाया।”
शिवानी के जीवन को ये पंक्तियाँ बखूबी परिभाषित करती हैं—
“सब कुछ हार जाए किस्मत चाहे,
दिल में जीने की जिद्द अभी बाकी है।
एक दिन सब कुछ हासिल कर लूंगी,
इतनी ताकत मेरे मनगट में अभी बाकी है।”
पहली असफलता से सीख लेते हुए शिवानी ने दोबारा साहस जुटाया और दूसरी भैंस खरीदी। इस बार उन्होंने पशुपालन से जुड़ी जानकारी पर विशेष ध्यान दिया। मेहनत और सही देखभाल का नतीजा यह रहा कि उन्हें सफलता मिलने लगी।
आज शौर्य डेयरी फार्म में—
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मुर्रा नस्ल की 30 उच्च गुणवत्ता वाली भैंसें,
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एचएफ नस्ल की 12 गायें,
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तथा छोटे-बड़े बछड़ों सहित 50 से अधिक पशु मौजूद हैं।
शिवानी ने पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक तकनीक को भी अपनाया है। उनके फार्म में—
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गर्मी से बचाव के लिए फॉगर सिस्टम,
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सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे,
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और आधुनिक दूध दुहने की मशीनें लगाई गई हैं।
इन सुविधाओं से न केवल काम आसान हुआ है, बल्कि दूध की गुणवत्ता और उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई है।
शिवानी फार्म का अधिकतर काम खुद संभालती हैं—चारा प्रबंधन, पशुओं की देखभाल, दूध निकालना, स्वास्थ्य परीक्षण और बाजार तक दूध पहुंचाना। कई बार मजदूर उपलब्ध न होने पर उन्हें खुद ही सभी कार्य करने पड़ते हैं, लेकिन वे इसे चुनौती नहीं बल्कि सीखने का अवसर मानती हैं।
उनका मानना है कि व्यवसाय कभी छोटा या बड़ा नहीं होता, सोच और मेहनत बड़ी होनी चाहिए। अगर महिलाएं ठान लें, तो वे खेती और पशुपालन में भी पुरुषों के बराबर सफलता हासिल कर सकती हैं।
शौर्य डेयरी फार्म के लोगो में लिखा वाक्य—
“हर बूंद दूध, ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार”
उनके पूरे संघर्ष और दर्शन को दर्शाता है।
यह केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि शिवानी की मेहनत और आत्मनिर्भरता की पहचान है।
शिवानी बढ़े का मानना है कि आज के युवाओं को केवल नौकरी के पीछे नहीं भागना चाहिए, बल्कि खुद का व्यवसाय शुरू करने की सोच रखनी चाहिए। इससे न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा समाज आत्मनिर्भर बन सकता है।
सौ. शिवानी सचिन बढ़े की यह कहानी हमें सिखाती है कि जिद्द, मेहनत और आत्मविश्वास के आगे कोई भी कठिनाई टिक नहीं सकती।
अंत में बस इतना ही कहना है—
“अगर जिद्द हो, तो सफलता खुद रास्ता बना लेती है।”
🏆 महाराष्ट्र के प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए चयन
सौ. शिवानी सचिन बढ़े की मेहनत, समर्पण और उपलब्धियों को देखते हुए उनका चयन महाराष्ट्र के प्रतिष्ठित सम्मानों के लिए किया गया है। उन्हें
“महाराष्ट्र बिज़नेस आइकॉन 2025 / महाराष्ट्र स्टाइल आइकॉन 2025 / महाराष्ट्र फैशन आइकॉन 2025” जैसे सम्मानजनक पुरस्कारों के लिए चुना गया है।
यह सम्मान Reseal.in और India Fashion Icon Magazine द्वारा प्रदान किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य महाराष्ट्र के उभरते हुए उद्यमियों, कलाकारों और रचनात्मक प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
यह चयन न केवल सौ. शिवानी बढ़े के लिए गर्व का विषय है, बल्कि उनके पूरे क्षेत्र और ग्रामीण समाज के लिए भी एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी उपलब्धि मानी जा रही है।
इस भव्य पुरस्कार समारोह में भारतीय फिल्म जगत की कई जानी-मानी हस्तियों की उपस्थिति रहेगी, जिनमें प्रमुख रूप से—
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वर्षा उसगांवकर (प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री)
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सोनाली कुलकर्णी (प्रसिद्ध भारतीय अभिनेत्री)
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प्रार्थना बेहरे (लोकप्रिय मराठी एवं हिंदी अभिनेत्री)
शामिल हैं। इन प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति इस आयोजन की गरिमा और महत्व को और अधिक बढ़ा देती है।
यह भव्य कार्यक्रम श्री सुधीर कुमार पाठाडे, संस्थापक एवं सीईओ Reseal.in (Sure Me Multipurpose Pvt. Ltd.) के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है।
श्री पाठाडे महाराष्ट्र के उभरते उद्यमियों, डिज़ाइनर्स और रचनात्मक प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
उनकी अगुवाई में यह मंच न केवल सम्मान देने का कार्य करता है, बल्कि नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित भी करता है।
किसान परिवार से निकलकर डेयरी व्यवसाय में सफलता, और अब राज्य स्तरीय सम्मान—सौ. शिवानी सचिन बढ़े की यह यात्रा यह साबित करती है कि
अगर जिद्द, मेहनत और आत्मविश्वास हो, तो ग्रामीण भारत की महिलाएं भी हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं।
शौर्य डेयरी फार्म की यह कहानी आज लाखों किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा बन चुकी है।









