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महाराष्ट्र की उभरती हुई सृजनशील महिलाओं में यदि किसी नाम को विशेष सम्मान के साथ देखा जा रहा है, तो वह नाम है पूनम दीपक पावसे, संस्थापक — Avanish Creation। आज 37 वर्ष की आयु में जिस मुकाम पर वह खड़ी हैं, वह केवल सफलता की कहानी नहीं, बल्कि आस्था, संघर्ष, संयम और अथक परिश्रम से बुना हुआ एक प्रेरणादायक सफर है।
पूनम पावसे का यह सफर एक छोटे से स्वप्न से शुरू हुआ और आज पुरस्कार नामांकन तक पहुंच चुका है। उनके जीवन के हर मोड़ पर एक अदृश्य शक्ति हमेशा उनके साथ रही—उनके आराध्य दैवत प्रभु श्री तिरुपति बालाजी।
पूनम पावसे को बचपन से ही कला और सृजनशीलता का विशेष आकर्षण रहा है। फिल्में, अभिनय, कहानी, संगीत—ये सभी माध्यम उन्हें भीतर से प्रेरित करते रहे। हालांकि, सपने देखना जितना आसान होता है, उन्हें साकार करना उतना ही कठिन।
समाज की अपेक्षाएं, पारिवारिक जिम्मेदारियां, आर्थिक कठिनाइयां और भीतर का डर—इन सभी से जूझते हुए उन्होंने अपने लिए रास्ता बनाया। कई बार रुक जाने का मन हुआ, लेकिन हर बार भीतर से एक ही आवाज आई—
“भक्ति और धैर्य कभी मत छोड़ो।”
इसी आत्मिक बल के साथ उन्होंने Avanish Creation नाम से अपनी फिल्म मेकिंग क्रिएशन की स्थापना की। यह केवल एक कंपनी नहीं, बल्कि उनके सपनों, संघर्षों और आत्मा की पहचान है।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शॉर्ट फिल्मों से की। साधन सीमित थे, बजट कम था, टीम छोटी थी—लेकिन सपना बड़ा था। हर शॉर्ट फिल्म उनके लिए एक सीख बनी।
कहानी लेखन, निर्देशन, कलाकारों का चयन, शूटिंग और एडिटिंग—हर पहलू से उन्होंने खुद को निखारा और मजबूत बनाया।
हर कठिन मोड़ पर पूनम पावसे ने प्रभु बालाजी के चरणों में शीश नवाया। उनका मानना है कि ईश्वर उन्हें शब्दों से नहीं, बल्कि घटनाओं के माध्यम से मार्गदर्शन करते रहे। ऐसा प्रतीत होता है मानो उनका हर कदम पहले से ही निर्धारित था और वे उसी राह पर आगे बढ़ती गईं।
फिल्म मेकिंग के साथ-साथ पूनम पावसे ने पुणे में पांच भव्य फैशन शोज़ का सफल आयोजन भी किया। यह अनुभव उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण और यादगार रहा।
डिज़ाइनर, मॉडल्स, कोरियोग्राफी, लाइट्स, म्यूजिक—हर चीज़ में परिपूर्णता की अपेक्षा थी। कई बार रात-रात भर काम करना पड़ा, लेकिन जब शो सफल हुआ, तो वह संतोष शब्दों से परे था।
पूनम पावसे खुद को केवल एक फिल्ममेकर या आयोजक नहीं मानतीं, बल्कि एक सर्जक मानती हैं। वे अपने काम के माध्यम से समाज को अर्थपूर्ण संदेश देना चाहती हैं—
स्त्री शक्ति, संघर्ष, भावनाएं और आशा।
एक महिला के लिए अपनी पहचान बनाना आसान नहीं होता, लेकिन असंभव भी नहीं—यही संदेश वे अपने हर प्रोजेक्ट के जरिए देना चाहती हैं।
इस पूरे सफर में पूनम पावसे के साथ एक मजबूत स्तंभ हमेशा खड़ा रहा—उनके पति। हर निर्णय में, हर कठिन समय में उन्होंने निःस्वार्थ साथ दिया।
आर्थिक कठिनाइयां हों या मानसिक थकान—उन्होंने कभी साथ नहीं छोड़ा। एक महिला के आत्मविश्वास के साथ-साथ पीछे खड़ा मजबूत सहारा भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है, और यह सहारा उन्हें अपने जीवनसाथी से हर पल मिला।
आज जब पूनम पावसे को पुरस्कार के लिए नामांकन मिला है, तो मन में गर्व से अधिक कृतज्ञता है। यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि हर उस क्षण का है जब उन्होंने हार नहीं मानी।
उनके अनुसार, प्रभु बालाजी केवल देवता नहीं, बल्कि मार्गदर्शक, गुरु और आधार हैं। भविष्य की ओर देखते समय उनके मन में कोई भय नहीं—क्योंकि वे जानती हैं कि वे अकेली नहीं हैं।
पूनम दीपक पावसे के समर्पण, सृजनशीलता और उपलब्धियों को देखते हुए उनका चयन “Maharashtra Business Icon 2025 / Maharashtra Style Icon 2025 / Maharashtra Fashion Icon 2025” पुरस्कारों के लिए किया गया है।
यह सम्मान Reseal.in और India Fashion Icon Magazine द्वारा प्रदान किया जा रहा है, जो महाराष्ट्र के उभरते हुए उद्यमियों, कलाकारों और सृजनशील प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करता है।
यह चयन न केवल पूनम पावसे के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।
इस भव्य पुरस्कार समारोह में फिल्म जगत की नामचीन हस्तियों की उपस्थिति रहेगी, जिनमें शामिल हैं:
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वर्षा उसगांवकर (बॉलीवुड अभिनेत्री)
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सोनाली कुलकर्णी (प्रसिद्ध भारतीय अभिनेत्री)
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प्रार्थना बेहेरे (प्रसिद्ध अभिनेत्री)
यह भव्य आयोजन श्री सुधीर कुमार पाथडे, Founder & CEO — Reseal.in (Sure Me Multipurpose Pvt. Ltd.) के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है, जो महाराष्ट्र की उभरती प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं।
पूनम दीपक पावसे की यह कहानी श्रद्धा, संघर्ष और सृजनशीलता की जीवंत मिसाल है। उनका यह सफर अभी थमा नहीं है—यह तो एक नई शुरुआत है। Avanish Creation के माध्यम से वे आगे भी समाज को प्रेरित करने वाली कहानियां गढ़ती रहेंगी।








