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आगामी मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारु चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुंबई महानगरपालिका प्रशासन ने एक कड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। चुनाव ड्यूटी से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए चुनाव प्रशिक्षण में उपस्थित रहना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी प्रशिक्षण सत्र में अनुपस्थित रहता है या आदेशों की अवहेलना करता है, तो उसके खिलाफ फौजदारी कार्रवाई तक की जा सकती है, जिससे उसकी नौकरी भी खतरे में पड़ सकती है।
राज्य निर्वाचन आयोग, महाराष्ट्र द्वारा BMC चुनाव 2025-26 के कार्यक्रम की घोषणा के बाद प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े हर चरण की सूक्ष्म योजना तैयार की है। मतदान, मतगणना और कानून-व्यवस्था से संबंधित किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो, इसके लिए चुनाव में शामिल सभी कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण देना आवश्यक माना गया है।
महानगरपालिका प्रशासन के अनुसार, चुनाव प्रशिक्षण सत्र निम्नलिखित दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे—
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सोमवार, 29 दिसंबर 2025 से शनिवार, 3 जनवरी 2026
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सोमवार, 5 जनवरी 2026 से शुक्रवार, 9 जनवरी 2026
इन प्रशिक्षण सत्रों में मतदान केंद्राध्यक्ष (PRO), सहायक मतदान केंद्राध्यक्ष (APRO), मतदान अधिकारी (PO) और अन्य नियुक्त कर्मचारी शामिल होंगे। प्रशिक्षण की तारीख, समय और स्थान की जानकारी संबंधित सभी कर्मचारियों को व्यक्तिगत रूप से दे दी गई है।
प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि चुनाव प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार—
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प्रशिक्षण में गैरहाजिरी
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आदेशों की अवहेलना
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चुनाव कर्तव्यों में लापरवाही
इन मामलों में संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ मुंबई महानगरपालिका अधिनियम 1888 की धारा 28(क) के तहत फौजदारी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
चुनाव प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की गलती, भ्रम, तकनीकी चूक या अनियमितता न हो। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को—
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चुनाव आचार संहिता
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मतदान प्रक्रिया
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मतगणना प्रणाली
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कानूनी प्रावधान
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आपातकालीन परिस्थितियों में कार्यवाही
जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार—
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मतदान: गुरुवार, 15 जनवरी 2026, सुबह 7:30 से शाम 5:30 बजे तक
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मतगणना और परिणाम: शुक्रवार, 16 जनवरी 2026, सुबह 10 बजे से
इतनी बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन बेहद आवश्यक माना जा रहा है।
इस सख्त निर्णय के बाद मनपा के अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल देखी जा रही है। कई कर्मचारी इसे प्रशासन की आवश्यक सख्ती मान रहे हैं, तो कुछ इसे अत्यधिक दबाव के रूप में देख रहे हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह फैसला केवल चुनाव की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लिया गया है।
महानगरपालिका प्रशासन ने साफ कर दिया है कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशिक्षण में उपस्थित रहना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संवैधानिक जिम्मेदारी है। आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई तय है।
BMC चुनाव 2026 को लेकर लिया गया यह निर्णय यह दर्शाता है कि प्रशासन इस बार किसी भी प्रकार की चूक नहीं चाहता। चुनाव प्रशिक्षण को अनिवार्य बनाकर और अनुपस्थिति पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देकर प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता सर्वोपरि है। आने वाले दिनों में यह फैसला चुनाव प्रक्रिया को और अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।








