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मुंबई की तेज़ रफ्तार जिंदगी में जहां सपनों की कीमत अक्सर महंगी कारों, बड़े बंगलों और चमक-दमक से आंकी जाती है, वहीं मराठी फिल्म और टीवी इंडस्ट्री की अभिनेत्री यशश्री मसुरकर ने इस सोच को पूरी तरह बदलने का साहसिक कदम उठाया है। अभिनय की दुनिया में पहचान बना चुकी यशश्री ने न केवल अपनी कार बेच दी, बल्कि मुंबई की सड़कों पर खुद ऑटो रिक्शा चलाकर आमदनी और आत्मसंतोष दोनों को चुना। यह फैसला आज केवल मनोरंजन जगत की चर्चा नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गहरा संदेश बन चुका है।
‘बिग बॉस मराठी 4’ में अपनी स्पष्टवादिता और आत्मविश्वास से दर्शकों का दिल जीतने वाली यशश्री मसुरकर आज सोशल मीडिया पर ‘टुकटुक रानी’ के नाम से जानी जा रही हैं। एक सफल अभिनेत्री का आम ऑटो चालक की तरह शहर की गलियों में सवारी ढोना लोगों को चौंकाता भी है और प्रेरित भी करता है।
यशश्री मसुरकर के इस फैसले की सबसे खास बात यह है कि यह किसी मजबूरी का परिणाम नहीं, बल्कि एक सोच-समझकर लिया गया निर्णय है। यशश्री के पास पहले एक कार थी, लेकिन वह उसे खुद नहीं चला पाती थीं और उन्हें हर समय ड्राइवर पर निर्भर रहना पड़ता था। ड्राइवर की अनुपलब्धता, समय की बर्बादी और बढ़ते खर्च ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि क्या यह जीवनशैली वाकई जरूरी है।
इसी आत्ममंथन के दौरान उन्होंने कार बेचकर ऑटो रिक्शा खरीदने का निर्णय लिया। उनके अनुसार, ऑटो न केवल किफायती है बल्कि उन्हें पूरी आज़ादी और आत्मनिर्भरता भी देता है।
यशश्री के इस अनोखे फैसले के पीछे एक प्रेरणादायी अनुभव भी जुड़ा है। उन्होंने बताया कि उनके एक विदेशी मित्र ने डेन्मार्क से भारत तक साइकिल से 500 दिनों का सफर तय किया था। इस यात्रा ने यशश्री को गहराई से प्रभावित किया और यह एहसास कराया कि इंसान अपनी सीमाएं खुद तय करता है।
इसी प्रेरणा से यशश्री ने एक बार मुंबई से आगरा तक ऑटो रिक्शा से लंबी यात्रा की। इस यात्रा के बाद उनका आत्मविश्वास इतना बढ़ा कि उन्होंने ऑटो को अपने रोज़मर्रा के जीवन का हिस्सा बना लिया।
आज यशश्री मसुरकर केवल यात्रियों को ही ऑटो में नहीं बैठातीं, बल्कि अपने ऑडिशन, मीटिंग्स और शूटिंग लोकेशंस पर भी इसी ऑटो से जाती हैं। कई बार लोग उन्हें पहचान कर हैरान हो जाते हैं कि एक अभिनेत्री खुद ऑटो चला रही है।
सोशल मीडिया पर उनके वीडियो वायरल होते रहते हैं, जहां वह मुस्कुराते हुए सवारी बैठाती हैं और मुंबई की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर आत्मविश्वास से ऑटो चलाती नजर आती हैं। यही कारण है कि उनके प्रशंसक उन्हें प्यार से ‘टुकटुक रानी’ कहने लगे हैं।
अपने फैसले पर बात करते हुए यशश्री कहती हैं,
“इस ऑटो ने मुझे सिर्फ आमदनी नहीं दी, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मसंतोष भी दिया है। मेरे पैसे बचते हैं, समय बचता है और सबसे बड़ी बात – मैं किसी पर निर्भर नहीं हूं।”
वह आगे कहती हैं कि ऑटो चलाने से उन्हें अपने भीतर एक नई ताकत महसूस होती है और यह अनुभव उन्हें ज़मीन से जोड़े रखता है।
यशश्री मसुरकर ने मराठी और हिंदी टेलीविजन व फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई है।
उनके प्रमुख कार्यों में शामिल हैं:
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मराठी टीवी सीरियल: लक्ष्मण रेखा
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हिंदी टीवी सीरियल: रंग बदलती ओढ़नी, चंद्रगुप्त मौर्य
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फिल्म: लाल इश्क (स्वप्निल जोशी के साथ)
इसके अलावा, ‘बिग बॉस मराठी 4’ में उनकी मौजूदगी ने उन्हें व्यापक लोकप्रियता दिलाई।
यशश्री मसुरकर की कहानी यह साबित करती है कि काम कोई भी हो, अगर वह आत्मसम्मान और ईमानदारी से किया जाए तो वह छोटा नहीं होता। ग्लैमर की दुनिया में रहते हुए भी उन्होंने यह दिखा दिया कि सादगी और मेहनत ही असली पहचान है।
उनका यह कदम खासतौर पर महिलाओं के लिए प्रेरणादायी है, जो यह संदेश देता है कि स्वतंत्रता, साहस और आत्मनिर्भरता किसी भी पहचान से बड़ी होती है।
मराठी अभिनेत्री यशश्री मसुरकर का कार छोड़कर ऑटो रिक्शा चलाने का फैसला आज केवल एक खबर नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश बन चुका है। आमदनी के साथ-साथ आत्मसंतोष को प्राथमिकता देने वाली ‘टुकटुक रानी’ की यह यात्रा यह सिखाती है कि असली सफलता दिखावे में नहीं, बल्कि अपने फैसलों पर गर्व करने में है।
मुंबई की सड़कों पर दौड़ता उनका ऑटो आज हजारों युवाओं और महिलाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गया है।








