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  • रासायनिक उत्पादों के दौर में शुद्ध आयुर्वेद की मिसाल बना ‘कल्पतरु आयुर्वेद चिकित्सालय’, डॉ. कौस्तुभ और डॉ. उमा भोइर को महाराष्ट्र बिजनेस आइकॉन 2025 सम्मान

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    आज के समय में जब वेलनेस और पर्सनल केयर इंडस्ट्री रसायनों से भरे उत्पादों और तात्कालिक राहत देने वाले उपचारों से प्रभावित हो चुकी है, ऐसे दौर में कल्पतरु आयुर्वेद चिकित्सालय शुद्ध, प्रामाणिक और समग्र आयुर्वेदिक चिकित्सा का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है। यह केंद्र केवल लक्षणों को दबाने के बजाय रोग की जड़ से उपचार करने की परंपरागत आयुर्वेदिक विज्ञान पर आधारित है।

    इस प्रतिष्ठित आयुर्वेदिक संस्थान की स्थापना डॉ. कौस्तुभ भोइर और डॉ. उमा भोइर ने की है, जिनका उद्देश्य स्पष्ट है—बिना किसी रासायनिक तत्व के, क्लासिकल आयुर्वेद के माध्यम से दीर्घकालिक स्वास्थ्य और संतुलन प्रदान करना।

    कल्पतरु आयुर्वेद चिकित्सालय की नींव उस विचारधारा पर रखी गई है, जो शरीर को जबरन नियंत्रित करने के बजाय उसकी प्राकृतिक उपचार क्षमता को मजबूत करने पर विश्वास करती है। यहां SLS, पैराबेन, अल्कोहल, कृत्रिम खुशबू और सिंथेटिक केमिकल्स का पूरी तरह से त्याग किया गया है।

    संस्थापकों का मानना है कि सच्चा उपचार वही है जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करे, न कि केवल अस्थायी राहत प्रदान करे।

    डॉ. उमा भोइर एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद और अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सक हैं। उन्हें आयुर्वेदिक चिकित्सा शिक्षा में 11 वर्षों से अधिक का अध्यापन अनुभव प्राप्त है। वे एसोसिएट प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष (HOD) के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं।

    उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित CME प्रोग्राम, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, रिसर्च प्रोजेक्ट्स और वैज्ञानिक शोध पत्र प्रस्तुतियों में सक्रिय भूमिका निभाई है। इसके साथ ही वे समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने के लिए भी निरंतर प्रयासरत रही हैं।

    डॉ. उमा भोइर की क्लिनिकल प्रैक्टिस में अनेक जटिल और दीर्घकालिक रोगों का सफल उपचार किया जाता है, जिनमें शामिल हैं—

    • त्वचा और बालों से जुड़ी पुरानी समस्याएं

    • पाचन और मेटाबॉलिक विकार

    • स्त्री रोग और PCOD

    • हार्मोनल असंतुलन

    • लाइफस्टाइल डिसऑर्डर्स

    • मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं जैसे तनाव, एंग्जायटी, डिप्रेशन, अनिद्रा और फोबिया

    यहां उपचार केवल दवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पंचकर्म थेरेपी, आहार सुधार, काउंसलिंग और जीवनशैली परिवर्तन को भी शामिल किया जाता है।

    वर्ष 2024 में कल्पतरु आयुर्वेद चिकित्सालय ने 3000 वर्ग फुट में फैले एक अत्याधुनिक आयुर्वेदिक उपचार केंद्र का विस्तार किया। इस केंद्र में—

    • OPD और IPD सुविधाएं

    • विशेष पंचकर्म यूनिट

    • व्यक्तिगत उपचार कक्ष

    • काउंसलिंग और वेलनेस गाइडेंस

    उपलब्ध हैं। यह शांत और रोगी-केंद्रित वातावरण आयुर्वेदिक चिकित्सा के मूल दर्शन को दर्शाता है।

    डॉ. उमा भोइर ने वर्ष 2020 में अपनी आयुर्वेदिक स्किन और हेयर केयर ब्रांड “Dr. Uma’s Keyaa” की शुरुआत की। यह ब्रांड पूरी तरह से—

    • हर्बल और प्राकृतिक

    • केमिकल-फ्री

    • सुरक्षित और दीर्घकालिक परिणाम देने वाले

    उत्पादों पर आधारित है। इसका उद्देश्य पारंपरिक आयुर्वेद को आधुनिक जीवनशैली से जोड़ना है।

    डॉ. कौस्तुभ भोइर ने वर्ष 2002 में सरकारी MBBS सीट प्राप्त की थी, लेकिन बाद में उन्होंने आयुर्वेद को अपने जीवन का लक्ष्य चुना। उन्होंने प्रतिष्ठित सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज से BAMS और बाद में MD (Ayurveda) की डिग्री प्राप्त की।

    वर्ष 2010 से डॉ. कौस्तुभ और डॉ. उमा भोइर मिलकर हजारों मरीजों की सेवा कर चुके हैं। उल्लेखनीय बात यह है कि दोनों अपने परिवार में पहली पीढ़ी के डॉक्टर हैं, जो उनकी मेहनत और समर्पण को दर्शाता है।

    कल्पतरु आयुर्वेद चिकित्सालय केवल एक उपचार केंद्र नहीं, बल्कि आयुर्वेद की मौलिकता को संरक्षित रखने का एक प्रयास है। संस्थापक—

    • टॉक्सिन-फ्री हेल्थकेयर को बढ़ावा दे रहे हैं

    • नैतिक और प्रभावी उपचार को सुलभ बना रहे हैं

    • समाज को समग्र जीवनशैली के प्रति जागरूक कर रहे हैं

    इन सभी योगदानों के लिए डॉ. कौस्तुभ भोइर और डॉ. उमा भोइर को “महाराष्ट्र बिजनेस आइकॉन 2025” पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। यह सम्मान Reseal.in और India Fashion Icon Magazine द्वारा प्रदान किया जा रहा है।

    इस भव्य समारोह में वर्षा उसगांवकर, सोनाली कुलकर्णी और प्रार्थना बेहरे जैसी प्रसिद्ध फिल्म हस्तियां मौजूद रहेंगी। कार्यक्रम का आयोजन रिसील.इन के संस्थापक एवं CEO श्री सुधीर कुमार पठाडे के नेतृत्व में किया जा रहा है।

    यह सम्मान न केवल चिकित्सालय के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है और यह दर्शाता है कि शुद्ध आयुर्वेद आज भी आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली में अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है।

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