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भारत ने पिछले छह महीनों के दौरान विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) के रूप में लगभग 51 अरब डॉलर (लगभग ₹4.25 लाख करोड़) आकर्षित किए हैं, जो वैश्विक निवेशकों के देश की विकास क्षमता में मजबूत विश्वास को दर्शाता है। इस निवेश वृद्धि का श्रेय बड़े पैमाने पर सरकार की स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन‑प्रेरित नीतियों को दिया जा रहा है।
औद्योगिक नीति विभाग (DPIIT) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने बताया कि यह निवेश प्रवाह उस समय दर्ज किया गया जब भारत स्टार्टअप और विनिर्माण विजन को जोड़ते हुए विकास को तेज कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार स्टार्टअप और कॉरपोरेट के बीच सहयोग को प्रोत्साहित कर रही है, जिससे नवाचार‑आधारित उत्पादन और तकनीक‑गहन कंपनियों को वैश्विक पूंजी मिल रही है।
निवेश का वितरण और रणनीति
यह निवेश मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े प्रोडक्शन नेटवर्क और नवाचार‑नीतियों में बहुआयामी रूप से बंटा है, जिसमें नई उत्पादन सुविधाओं की स्थापना और मौजूदा यूनिटों का विस्तार शामिल है। DPIIT सचिव ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस (16 जनवरी) के हिस्से के रूप में 75 ग्रैंड चैलेंज शुरू करेगी, ताकि विभिन्न क्षेत्रों में समस्या‑समाधान और नवाचार को बढ़ाया जा सके। इसके साथ ही 20 राष्ट्रीय स्टार्टअप पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।
निवेश में स्टार्टअप‑कॉरपोरेट सहभागिता
भाटिया ने यह भी बताया कि बड़ी कंपनियाँ अब स्टार्टअप के साथ मिलकर तकनीकी समाधान और संचालन प्रक्रिया में सुधार पर काम कर रही हैं, जिससे मैन्युफैक्चरिंग‑उद्योग में इन्वेस्टमेंट की गुणवत्ता और पैमाना दोनों बढ़ रहे हैं। इससे लंबे समय की विकास क्षमताएँ मजबूत हो रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Viksit Bharat Young Leaders Dialogue 2026 में कहा कि Digital India, स्टार्टअप वृद्धि और युवाओं की भागीदारी का संयोजन देश के भविष्य को नया आकार दे रहा है। उन्होंने क्रिएटिव तथा तकनीक‑चालित क्षेत्रों में तेजी से विकास की ओर इशारा किया।
क्या यह निवेश भारत के लिए महत्वपूर्ण है?
यह निवेश वृद्धि वैश्विक निवेशकों के दृष्टिकोण से भारत को एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करती है, खासकर उन क्षेत्रों में जो मैन्युफैक्चरिंग, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की प्रवृत्ति उच्च क्षमता रोजगार, उत्पादन विस्तार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को प्राथमिकता देती है।








