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महाराष्ट्र के कोकण क्षेत्र में राजनीति में एक बड़ी हलचल सामने आई है, जब पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता रमेश कदम ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) से अपना सदस्यता और पद त्याग दिया है। यह निर्णय आगामी जिल्हा परिषद तथा पंचायत समिति चुनावों से ठीक पहले आया है, जिससे पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है।
राजीनामा और कारण
रमेश कदम, जो चिपलून विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक रहे हैं और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष भी थे, ने अपनी लंबी राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए पार्टी का राजीनामा दिया। उन्होंने अपने इस्तीफ़े में कहा कि पार्टी अब उनके जैसे निष्ठावान कार्यकर्ता की ज़रूरत नहीं रखती, जिससे उन्हें पार्टी में अलग‑थलग महसूस हुआ।
कदम ने अपने पत्र में लिखा कि वे 1984 से शरद पवार के प्रति निष्ठावान रहे हैं, और पार्टी की स्थापना के बाद से उन्होंने तालुका अध्यक्ष, नगरसेवक, नगराध्यक्ष और फिर विधानसभा में विधायक (2004) के रूप में काम किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने मंडणगड से राजापुर तक मजबूत पार्टी संगठन तैयार किया है, लेकिन पार्टी नेतृत्व से अपेक्षित समर्थन न मिलने की वजह से उन्होंने यह कदम उठाया।
चुनावी प्रक्षेप और गतिशीलता
रमेश कदम ने हाल ही में म्यूनिसिपल अध्यक्ष चुनाव में भी हिस्सा लिया था लेकिन हार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने बताया कि बिना खर्च किए उन्होंने 10,500 वोट प्राप्त किए थे, लेकिन पार्टी नेतृत्व की ओर से पर्याप्त समर्थन न मिलने की वजह से वह हार गए. इसी निराशा की वजह से उन्होंने पार्टी से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह का इस्तीफा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है, खासकर तब जब कोकण में शिवसेना‑भाजपा गठबंधन पहले से ही स्थानीय निकाय चुनावों में प्रभुत्व दिखा रहा है।








