भारत के मशहूर भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा की 2026 के बड़े टूर्नामेंट्स जैसे एशियाई खेल और कॉमनवेल्थ गेम्स में बेहतर तैयारी सुनिश्चित करने के लिए खेल मंत्रालय ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंत्रालय की मिशन ओलंपिक सेल (MOC) ने उनके प्री-सीज़न प्रशिक्षण शिविर के लिए ₹11.80 लाख की वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है।
दक्षिण अफ़्रीका में प्री-सीज़न ट्रेनिंग शिविर
नीरज चोपड़ा ने अपनी 32-दिन की प्री-सीज़न ट्रेनिंग दक्षिण अफ़्रीका के पोचेफस्ट्रूम में शुरू कर दी है, जो दुनिया भर के जैवलिन थ्रो खिलाड़ियों के लिए एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र माना जाता है। यहाँ वह नए कोच जय चौधरी के मार्गदर्शन में तैयारियाँ कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने प्रख्यात कोच जान जेलेज्नी के साथ अपने कार्य संबंध समाप्त कर दिया था और अपने प्रारंभिक कोच चौधरी के साथ फिर से जुड़ गए हैं।
यह अभ्यास शिविर 5 फ़रवरी 2026 तक चलेगा और इसमें नीरज की टीम में उनके लंबे समय से सहयोगी फिजियोथेरेपिस्ट इशान मारवाहा भी शामिल हैं।
मंजूर की गई सहायता का उपयोग
खेल मंत्रालय द्वारा स्वीकृत यह ₹11.80 लाख की सहायता राशि न सिर्फ प्रशिक्षण खर्च का बोझ हल्का करेगी, बल्कि इसमें जिम और ट्रेनिंग ग्राउंड की सुविधाएँ, स्थानीय लॉजिस्टिक्स खर्च, एयरपोर्ट ट्रांसफर और रोज़मर्रा की भत्ते भी शामिल हैं। इससे नीरज अपनी पूरी ताकत और तकनीकी मजबूती पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
मंत्रालय की मिशन ओलंपिक सेल (MOC) का लक्ष्य है कि शीर्ष खिलाड़ी वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकें और इसके लिए आवश्यक आर्थिक तथा लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की जाए।
नीरज के प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
नीरज चोपड़ा भारत के सबसे प्रतिष्ठित एथलीटों में से एक हैं, जिन्होंने ओलंपिक सहित कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का नाम रोशन किया है। हालांकि पिछले वर्ष विश्व चैंपियनशिप में चोट के कारण प्रदर्शन अपेक्षित नहीं रहा, लेकिन उन्होंने 90 मीटर का लंबित लक्ष्य भी पार किया था। इन चुनौतियों ने उन्हें अपनी फिटनेस और तकनीकी मजबूती पर अतिरिक्त ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।








