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एक दिलचस्प शोध में वैज्ञानिकों ने ऑस्ट्रेलिया में मिलने वाली ‘वॉकिंग शार्क’ (epaulette shark) में ऐसी क्षमता देखी है कि यह तनाव के दौरान भी बिना अतिरिक्त ऊर्जा खर्च किए प्रजनन कर सकती है, जो पारंपरिक जैविक सिद्धांतों को चुनौती देता है।
क्या है यह वॉकिंग शार्क?
वॉकिंग शार्क, जिसे epaulette shark भी कहा जाता है, अपनी पैरों जैसी पंखियों की मदद से समुद्री चट्टानों पर “चलने” की क्षमता के लिए जानी जाती है। यह प्रजाति सामान्य शार्क की तरह लगातार तैरती नहीं रहती, बल्कि उथले पानी में चलने के लिए अपने पंखों का उपयोग करती है
अनोखी प्रजनन क्षमता
हाल ही में जेम्स कुक यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने देखा कि वॉकिंग शार्क अंडे बनाने और प्रजनन के दौरान भी ऊर्जा उपयोग में कोई बढ़ोतरी नहीं करती, जबकि सामान्य रूप से अधिकांश जीवों में प्रजनन एक भारी ऊर्जा खर्चीला कार्य माना जाता है।
शोध से पता चलता है कि शार्क की ऊर्जा खपत प्रजनन से पहले, दौरान और बाद में लगभग एक ही स्तर पर बनी रहती है, जो वैज्ञानिकों के लिए एक आश्चर्यजनक खोज है। इससे पहले यह माना जाता था कि तनाव या कठिन पर्यावरणीय परिस्थितियों में प्रजनन रोक देना ही जीवों के लिए सामान्य रणनीति होती है।
पर्यावरणीय तनाव में भी प्रजनन संभव
शोध में यह भी संकेत मिला है कि ये शार्क उष्णकटिबंधीय समुद्रों में बढ़ते तापमान जैसा तनाव झेलते हुए भी प्रजनन जारी रख सकती हैं, जिससे उनकी बचे रहने की क्षमता अधिक प्रतीत होती है। यह खोज जलवायु परिवर्तन जैसे चुनौतियों के बीच समुद्री जीवों की अनुकूलन क्षमता को बेहतर समझने में मदद कर सकती है।
समुद्री पारिस्थितिकी में शार्क का महत्व
शार्क समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्वस्थ शार्क आबादी रीफ (मृदु) जीवन को संतुलित बनाए रखने में मदद करती है, जिससे समुद्री जैव विविधता बनी रहती है।








