भारत ने हाल ही में दक्षिण अफ़्रीका के तट के पास आयोजित BRICS नौसैनिक अभ्यास में भाग नहीं लिया है, जिसके बारे में विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्टता प्रदान की है। मंत्रालय ने बताया कि यह अभ्यास BRICS की नियमित या औपचारिक गतिविधि नहीं थी, बल्कि यह पूरी तरह से दक्षिण अफ़्रीकी पहल थी जिसमें कुछ BRICS सदस्य देशों ने हिस्सा लिया।
MEA के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने कहा कि यह नौसैनिक अभ्यास “Will for Peace 2026” नाम से आयोजित हुआ, लेकिन इस अभ्यास में न तो सभी BRICS सदस्य शामिल थे और न ही यह किसी संस्थागत BRICS कार्यक्रम का हिस्सा था। इसलिए भारत ने इसमें भाग नहीं लिया। उन्होंने बताया कि भारत पहले भी ऐसे अभ्यासों में भाग नहीं लिया है।
विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत उस तरह के सामरिक अभ्यासों में रूचि रखता है जो नियमित और संरचित साझेदारी के तहत हों। भारत वर्तमान में उसी संदर्भ में IBSAMAR नामक संयुक्त समुद्री अभ्यास का हिस्सा है, जिसमें भारत, ब्राज़ील और दक्षिण अफ़्रीका की नौसेनाएँ शामिल होती हैं। इस अभ्यास का पिछला संस्करण अक्टूबर 2024 में आयोजित किया गया था।
हाल के BRICS नौसैनिक अभ्यास में चीन, रूस और ईरान जैसी शक्तियों ने भाग लिया और दक्षिण अफ़्रीका की ओर से इसे वैश्विक समुद्री तनाव के बीच सुरक्षा और सहयोग को बढ़ाने वाला कदम बताया गया है। हालांकि भारत और ब्राज़ील दोनों ने इस अभ्यास में हिस्सा नहीं लिया।







