• Create News
  • टाटा मुंबई मैराथन 2026: खेल ही नहीं, कैंसर जागरूकता का बड़ा मंच

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    टाटा मुंबई मैराथन 2026 में इस बार 15 बचपन के कैंसर सर्वाइवर्स हिस्सा ले रहे हैं, जो न केवल अपनी शारीरिक मजबूती बल्कि आशा और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का संदेश दे रहे हैं। यह प्रतिष्ठित मैराथन रविवार, 18 जनवरी 2026 को मुंबई में आयोजित की जाएगी।

    टाटा मुंबई मैराथन को विश्व के टॉप 10 मैराथन में गिना जाता है और यह न केवल खेल के लिए बल्कि सामाजिक कारणों के समर्थन के लिए भी एक मजबूत मंच है।

    सर्वाइवर्स की भागीदारी — हार के बाद भी उम्मीद की दौड़

    इस साल मैराथन में भाग लेने वाले 15 कैंसर सर्वाइवर्स की औसत आयु लगभग 22 वर्ष है। ये युवा न सिर्फ बीमारी को मात दे चुके हैं, बल्कि अब दूसरों को प्रेरित करने के लिए इस ऐतिहासिक दौड़ में शामिल हो रहे हैं।

    इस समूह में रेटिनोब्लास्टोमा का इलाज कराकर आँख खो चुके विकाश भी शामिल हैं, जिन्होंने कई राज्यों से जीवन रक्षक इलाज के लिए मुंबई की यात्रा की थी। आज वे CanKids मुंबई CanShala में कार्यरत हैं, जहाँ वे इलाज के दौरान बच्चों की शिक्षा में मदद करते हैं।

    CanKids का प्रभाव — ड्रीम प्लैकार्ड और उम्मीद का संदेश

    टाटा मुंबई मैराथन 2026 में CanKids एक दृश्य श्रद्धांजलि (visual tribute) पेश करेगा जहाँ धावक Dream Placards ले कर दौड़ेंगे। इन प्लैकार्ड पर उन बच्चों के सपनों की तस्वीरें और आकांक्षाएँ प्रदर्शित होंगी — जैसे डॉक्टर, अंतरिक्ष यात्री, गायक, शिक्षक या सैनिक बनना

    ये प्लैकार्ड एक दौड़ती गैलरी का रूप लेंगे जो याद दिलाएगी कि हर बच्चे के सपने मायने रखते हैं। इसके अलावा कैनकिड्स ज़ोन में एक Hope Tiles Wall भी तैयार किया जाएगा, जो आशा का प्रतीक होगी और इस दौड़ की भावना को और गहरा बनाएगी।

    CanKids की प्रेरणादायक दृष्टि और लक्ष्य

    CanKids के संस्थापक और चेयरपर्सन पूनम बागाई, जो स्वयं कैंसर सर्वाइव भी हैं, ने कहा कि उनकी मिशन है इलाज, शिक्षा और राज्य की नीतियों के बीच की दूरी को खत्म करना और हर बच्चे को आशा और जीवन का अवसर देना। टाटा मुंबई मैराथन उन्हें इस राष्ट्रीय मंच के माध्यम से अपनी आवाज़ आगे बढ़ाने का अवसर देता है।

    यह आयोजन न केवल जागरूकता बढ़ाने का अवसर है, बल्कि बचपन के कैंसर के खिलाफ सामूहिक समर्थन दर्शाने का भी एक महत्वपूर्ण पल है। CanKids इस मंच के ज़रिये प्रारंभिक निदान को बढ़ावा, देखभाल की पहुंच का विस्तार और समग्र समर्थन मॉडल को देश भर में फैलाना चाहता है ।

  • Related Posts

    63 की उम्र में सुनहरी उड़ान: फोर्स अकादमी मँझगवां की कोच सुनीता सिंह ने राष्ट्रीय मंच पर लहराया छत्तीसगढ़ का परचम

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। अवास कैवर्त | मरवाही | समाचार वाणी न्यूज़कभी-कभी कुछ जीतें सिर्फ पदक नहीं होतीं, वे अधूरे सपनों की वापसी होती…

    Continue reading
    Dr. Leena Jadhav: सेवा, सौंदर्य और समर्पण की प्रेरणादायक मिसाल

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। आज के दौर में जहां सौंदर्य और स्वास्थ्य सेवाएं एक व्यवसाय के रूप में देखी जाती हैं, वहीं Dr. Leena…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *