संसद के बजट सत्र 2026‑27 की शुरुआत बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सहयोग और “राष्ट्रीय हित” पर एकता की अपील के साथ हुई, लेकिन इसी दौरान विपक्ष ने मनरेगा (MGNREGA) से जुड़े नए कानून पर जोरदार विरोध जताया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए सरकार की सामाजिक, आर्थिक विकास और सुरक्षा से जुड़ी उपलब्धियों को रेखांकित किया और सभी सांसदों से राष्ट्रहित के मुद्दों पर मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने देश के विकास हेतु जिस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, उस पर संसद और जनता का साथ आवश्यक बताया।
हालांकि जैसे ही उन्होंने VB‑G RAM G कानून — जो मौजूदा MGNREGA (महत्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) का स्थान लेने वाला है — का जिक्र किया, विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष ने इस बदलाव का विरोध करते हुए पुराने मंगनेरी रोजगार कानून को पुनर्स्थापित करने की मांग की।
विपक्षी दलों का कहना है कि मनरेगा ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार और अधिकारों की गारंटी देता रहा है और इसके “बिना पर्याप्त चर्चा” हटाए जाने पर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना आवश्यक है। कांग्रेस सहित INDIA ब्लॉक के नेताओं ने संसद में विरोध के साथ ही कहा है कि वे सभी लोकतांत्रिक माध्यमों से मनरेगा को वापस लाने का संघर्ष जारी रखेंगे।
संसद सत्र के दौरान यह मुद्दा आगे भी गर्मियों का विषय बना रहेगा क्योंकि विपक्ष ने MGNREGA, विशेष निवेश क्षेत्र (SIR) और अन्य जनहित के मुद्दों को भी उठाने की रणनीति बनाई है।








